टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संशोधित विधेयक में फिर अड़ंगा लग गया है। चार बार इस विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया, लेकिन कोई न कोई आपत्ति लगने से यह विधेयक जनता तक नहीं पहुंच रहा है। अब विधि विभाग ने इस संशोधित विधेयक पर ऑब्जेक्शन लगाए हैं।
सरकार ने इस विधेयक को धर्मशाला शीत सत्र में लगाने के लिए पहले आनन फानन में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई और इस विधेयक को मंजूरी दी। अब जब इसे विधानसभा सभा पटल में रखना था तो विधि विभाग ने इस पर आपत्तियां लगाकर वापस विभाग को भेज दिया है।
ये विधेयक प्रदेश सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। दो बार संशोधित विधेयक की शुल्क निर्धारित की गई। पहले भवन नियमित करने की शुल्क ज्यादा थी, इस कारण प्रदेश के किसी भी अवैध भवन मालिक ने भवन नियमित करने के लिए आवेदन नहीं किया।
अब जब सरकार ने इस संशोधित विधेयक में शुल्क कम किया तो इस पर आपत्तियां लग गईं। विधि विभाग मान रहा है कि इस संशोधित विधेयक में आपत्तियां लगाई गई हैं, लेकिन अधिकारी आपत्तियां बताने में गुरेज कर रहे हैं।
टीसीपी संशोधित विधेयक में विधि विभाग ने आपत्तियां लगाई हैं, इस कारण संशोधित विधेयक शीत सत्र में नहीं लाया गया है। क्या-क्या आपत्तियां लगाई हैं, फाइल देखकर ही पता चल पाएगा। विधि विभाग ने जो आपत्तियां लगाई हैं, विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि उन्हें जल्द पूरा करे।
-सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री
टीसीपी संशोधित विधेयक की फाइल वापस विभाग को भेज दी है। संशोधित विधेयक में कुछ ऑब्जेक्शन लगे हैं, जिन्हें पूरा किया जाना बाकी है।
-बीके शर्मा, लॉ सेक्रेटरी