शिमला। एचआरटीसी और प्राइवेट बसें शहर में सड़क किनारे खड़ी मिली तो कार्रवाई होगी। सड़क किनारे बसें खड़ी होने से पेश आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। जीरो टॉलरेंस ड्राइव के तहत सड़क किनारे खड़ी मिलने वाली बसों के चालान किए जा रहे हैं।
राजधानी में अवैध रूप से की जा रही बसों की रोड साइड पार्किंग को लेकर पुलिस अब सख्ती बरत रही है। टूटीकंडी क्रॉसिंग से आरटीओ आफिस और बाईपास पर आईएसबीटी तक बसें खड़ी रहती हैं। इन बसों से न सिर्फ जाम लगता है बल्कि हादसों का खतरा भी बना रहता है। समस्या के समाधान के लिए पुलिस चालान कर इन्हें हटाने जा रही है। पुलिस ने सड़क किनारे अवैध पार्किंग को रोकने के लिए 54 अफसरों और 11 बाइक राइडरों को फील्ड में उतारा है। इसके बावजूद यदि बसें नहीं हटाई जाती तो क्रेन की मदद से बसों को शहर से बाहर निकाला जाएगा।
सड़क किनारे खड़ी नहीं होने दी जाएंगी बसें : कमल
कई स्थानों पर सड़क किनारे बसें खड़ी हो रही हैं जिससे सड़क तंग होने के कारण जाम लग रहा है। अवैध रूप से बसें खड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
- कमल वर्मा डीएसपी ट्रैफिक शिमला
चिन्हित स्थलों पर ही पार्क होंगी बसें : राजेंद्र
इन दिनों स्कूल टाइम बंद होने से कुछ बसें टूटीकंडी क्रासिंग से आरटीओ आफिस की ओर रोड साइड पार्क हो रही हैं। इन बसों को बस पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों पर पार्क किया जाएगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि बसें सड़क किनारे खड़ी न हों।
- राजेंद्र शर्मा कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक शिमला लोकल
सड़क चौड़ी हुई तो बना दी पार्किंग
कार्ट रोड सहित टूटीकंडी क्रासिंग से आरटीओ आफिस की ओर डंगे लगा कर सड़क चौड़ी की जा रही है। चौड़ी हुई सड़क पर बसें और अन्य गाड़ियां पार्क होने से जाम लग रहा है। विक्ट्री टनल से लक्कड़ बाजार बस स्टैंड की ओर भी कई स्थानों पर चौड़ी की गई सड़क अवैध पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल की जा रही है।
एचआरटीसी बसों के लिए चिन्हित पार्किंग
टूटीकंडी बाईपास पर एचआरटीसी बसों के लिए आईएसबीटी से पहले मंदिर के पास खुले मोड़ पर और डीजल पंप के पास खुले मोड़ पर बस की पार्किंग के लिए चिन्हित किए गए हैं। वहीं एचआरटीसी का तर्क है कि लोकल रूटों की बसें ढली वर्कशाप में खड़ी करना व्यावहारिक नहीं है। रूट पर रवाना होने से पहले बसों को ढली से मंगवाने में समय अधिक लगेगा। ढली वर्कशाप में जगह की भी कमी है।