पंचायतीराज विभाग ने जिलेभर की 363 पंचायतों पर सोलर लाइटों की खरीददारी पर रोक लगा दी है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक ने इस संबंध में जिला पंचायत अधिकारी और विकास खंड अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि 14वें वित्त आयोग की 2018-19 के लिए प्रस्तावित सोलर लाइटें की खरीददारी न करें। विभाग के अगले आदेशों तक पंचायत इस संबंध में आगे की कोई भी कार्रवाई अमल में न लाएं।
गौरतलब है कि हिम ऊर्जा विभाग जिलेभर की पंचायतों में सोलर लाइटों स्थापित करने का काम करते थे। बताया जा रहा है कि हिम ऊर्जा विभाग ने अभी तक 2017-18 की प्रस्ताव सोलर लाइटें भी पंचायतों में स्थापित नहीं की हैैं। इस कारण पंचायतों के विकासात्मक कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। पंचायतीराज विभाग ने भी ठोस निर्णय लेते हुए हिम ऊर्जा विभाग से लाइटों की खरीददारी करने पर पाबंदी लगा दी है।
हालांकि पंचायतों में बरसात के मौसम में बिजली की सख्त की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पंचायतों में सोलर लाइटें लगने से लाखों ग्रामीणों को फायदा होगा। लेकिन सरकारी महकमों की सुस्ती के चलते लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। पहाड़ी पगडंडियां होने के कारण रात के समय इनसे गुजरने में लोगों को दिक्कतें होती हैं। ऐसे में यह लाइटें लग जाती हैं तो दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।
हजारों सोलर लाइटों लगाने का काम लटका- जिले भर की पंचायतों में 14 वित्त आयोग से हजारों सोलर लाइटों के स्थापित करने का कार्य अधर में लटका हुआ है। इससे पंचायतों को 2018-19 में सोलर लाइटों के बजट को खर्च करने में परेशानी आ रही है। अभी तक पिछले लाइटें भी हिम ऊर्जा स्थापित नहीं कर पाया है।