अल्ट्रा वायलेट तकनीक से पानी साफ करने की नगर निगम की योजना शुरुआती दौर में ही हांफने लगी है। लो वोल्टेज और बिजली कट के चलते अश्वनी खड्ड के ट्यूबवेल में लगाए यूवी ट्रीटमेंट प्लांट के पानी के सैंपल दूसरी बार भी फेल हो गए हैं। एक हफ्ते में दूसरी बार सैंपल फेल होने से अब अश्वनी खड्ड से पानी लिफ्ट करने की योजना भी लटक सकती है।
पंपिंग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बिजली कट के चलते यह सैंपल फेल हुए हैं। यूवी ट्रीटमेंट प्लांट से पानी साफ करने के लिए हर वक्त बिजली की हाई वोल्टेज सप्लाई अनिवार्य है। पहली बार लो वोल्टेज के चलते सैंपल फेल हो गए थे। इसके बाद दावा किया गया कि अब वोल्टेज बढ़ा दी गई है। सैंपल फेल नहीं होंगे।
लेकिन अचानक अब बिजली कट के चलते मशीन बंद हो गई। ऐसे में फिर सैंपल फेल हो गए। हालांकि अभी इसका पानी शहर को लिफ्ट नहीं किया जा रहा। लेकिन अधूरी तैयारियों के चलते बाकी ट्यूबवेल और फिर अश्वनी खड्ड के पानी को साफ कर लिफ्ट करने की योजना लटक सकती है। यह योजना सिरे चढ़ती है तो शहर के हजारों लोगों को फायदा होना है।
बिजली सप्लाई संबंधी समस्याओं के लिए अब इनर्वटर लगाने की तैयारी है। संबंधित कंपनी को भी इस बारे में सूचित कर दिया है। अब सभी परियोजनाओं में इनर्वटर लगाने होंगे। इससे निगम का खर्चा बढ़ जाएगा।
देखना होगा कि इनवर्टर लगाने के बाद ट्रायल सफल रहता है या नहीं। नगर निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप ने कहा कि बिजली कट के चलते यह दिक्कत आई थी। फिलहाल इनवर्टर लगाकर इसका समाधान किया जाएगा।