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क्षेत्रीय अस्पताल में बढ़ रहे मरीज, बिना घट रहे डॉक्टर
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों पर पड़ रही भारी
एक महीने में चार विशेषज्ञों समेत छह पद हुए खाली
37 से घटकर अब 19 रह गई चिकित्सकों की संख्या
रोशन ठाकुर
कुल्लू। तीन सौ बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। अस्पताल में मरीजों की संख्या के बजाए डॉक्टरों की संख्या कम होने लगी है। सितंबर महीने में अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या 25 थी, जो अब घटकर मात्र 19 रह गई है। इसमें विशेषज्ञों के सात पद खाली चल रहे हैं।
गायनी तथा रेडियोलॉजिस्ट के चार पद खाली होने से गायनी ऑप्रेशन और अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी हालत में कुल्लू जिले के साथ, लाहौल-स्पीति जिला, चंबा के पांगी तथा मंडी जिला के द्रंग और बालीचौकी के मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन मरीजों के लिए ट्रामा सेंटर, सीटी स्कैन, डायलिसिस, लैब, एक्सरे तथा अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है, लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल में डॉक्टरों के 50 फीसदी पद खाली होने से स्वास्थ्य सुविधा पूरी तरह चरमरा गई है। अमित कुमार, प्रेम सिंह, रमेश चंद, इंद्र सिंह, कमल ठाकुर, मेहर सिंह, टिकम राम, दुनी चंद, गोविंद सिंह, उमा ठाकुर, दीपिका ठाकुर, अखिलेश कुमार, संदीप सिंह, उगम राम, भोला दत्त, अमर सिंह तथा तेज राम ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू राम भरोसे चल रहा है। गायनी के विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। एक माह के भीतर कुल्लू अस्पताल से चार विशेषज्ञों के साथ छह डॉक्टरों के पद खाली हो गए। उन्होंने कहा कि दूर-दूराज क्षेत्रों से उपचार को पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों का विश्वास उठ गया है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस मल्होत्रा ने कहा कि कुल्लू अस्पताल में 37 स्वीकृत पदों में से मात्र 19 डॉक्टर रह गए हैं। उन्होंने सरकार को इसके बारे में पत्राचार कर डॉक्टरों के पदों को भरने की मांग की है। रोजाना 800 मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
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क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 800 मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। गायनी विशेषज्ञों के दोनों पद खाली होने से मरीजों को मंडी रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में मेडिसन विशेषज्ञ एक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट के दो तथा सर्जन का एक पद रिक्त चल रहा है।
इनसेट
सरकार के ढुलमुल रवैये से क्षेत्रीय अस्पताल का यह हाल हुआ है। पूरा स्वास्थ्य सिस्टम डेपुटेशन पर चल रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कुल्लू अस्पताल का सर्वनाश कर दिया है। आने वाले विस चुनावों में इसे मुद्दे के रूप में जनता के सामने रखा जाएगा।
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-महेश्वर सिंह, विधायक कुल्लू सदर
कुल्लू अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की मांग को उन्होंने दशहरा उत्सव में आए स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह के समक्ष उठाया है। आने वाले समय में क्षेत्रीय अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
-सुंदर सिंह ठाकुर, महामंत्री प्रदेश कांग्रेस
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