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लोग बोले, बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमने वाले मंत्री क्या जानें जनता की परेशानी

Mon, 01 Oct 2018 10:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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न्यूनतम किराया बढ़ोतरी के सरकार के फैसले से शहर की जनता गुस्से में है। लोगों का कहना है कि न्यूनतम किराया दोगुना होने से प्राइवेट आपरेटरों की जेबें तो भर जाएंगी, लेकिन जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी। गुस्से में लोग कह रहे हैं कि गाड़ियों में घूमने वाले मंत्री क्या जानें जनता की परेशानी?

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लोगों का कहना है कि स्थानीय नेता भी जनता को राहत दिलाने में नाकाम रहे हैं। न्यूनतम किराया बढ़ोतरी से शहर के हजारों लोगों पर सीधी मार पड़ेगी। यहां चंद मीटरों की दूरी पर ही स्टॉपेज बने हैं, लेकिन अब इनमें एक से दूसरे पर जाने के लिए छह रुपये लगेंगे। लोगों का कहना है कि स्थानीय विधायक खुद कैबिनेट मंत्री हैं। वह शहर की परिस्थितियों को भी अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन अभी तक जनता को राहत दिलाने के लिए कुछ नहीं कर पाए। अब आम जनता जाए तो जाए कहां।

1. विधायक फेल, दिलानी चाहिए थी राहत
किराया बढ़ोतरी का फैसला जिस कैबिनेट बैठक में हुआ, उसमें स्थानीय विधायक भी मौजूद थे। यदि वह शहर की जनता का पक्ष प्रभावी ढंग से उठाते तो न्यूनतम किराया डबल न होता। विधायक जनता का दर्द समझे और किराया कम करने के लिए सरकार पर दबाव डालें।-खुशी वर्मा
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2. अगर यही अच्छे दिन हैं तो नहीं चाहिए
सरकार आम जनता के बारे में नहीं सोच रही। अगर भाजपा सरकार के यही अच्छे दिन हैं तो हमें ऐसे दिन नहीं चाहिए। न्यूनतम किराया बढ़ाना ही था तो तीन से चार कर देते। दोगुना करके किसका फायदा कर रहे हैं, ये जनता सब जानती है।-नरेंद्र ठाकुर, पूर्व पार्षद

3. सरकार का फैसला गलत, वापस लेना होगा
हमारे मंत्री गाड़ियों में घूमते हैं, उन्हें क्या मालूम जनता पर किराया बढ़ाने से क्या असर पड़ेगा। आम आदमी जो पैसा अपने राशन, बच्चों की फीस के लिए बचाता है, उसे अब किराए में देना पड़ेगा। सरकार का फैसला सरासर गलत है। इसे वापस लेना होगा।-राजेश शर्मा

4. न्यूनतम किराये को बढ़ाने का सरकार का फैसला गलत
न्यूनतम किराये को बढ़ाने का सरकार का यह फैसला गलत है। रोजाना बसों में सफर करने वाले छात्र और अभिभावकों को अब दोगुने पैसे किराये पर खर्च करने पड़ रहे है। सरकार अपने इस फैसले के बारे में दोबारा सोचे।- लक्की ठाकुर, छात्र

5. पैदल चलने को मजबूर जनता
अचानक बढ़ाए गए किराये से बजट भी बिगड़ गया है। स्थिति यह है कि कुछ किलोमीटर के सफर के लिए बसों की जगह पैदल चलना पड़ रहा है। लोगों को बढ़े किराये के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।- विनय शर्मा

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