अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर और अपने वार्ड के विकास को लेकर नगर निगम के पार्षद कितने गंभीर हैं, इसका नजारा शुक्रवार को देखने को मिला। नगर निगम के वार्षिक बजट को लेकर साल में एक बार होने वाली प्राथमिकता बैठक से 12 पार्षद नदारद रहे।
कई पार्षद शिमला से बाहर हैं, तो कई ऐसे भी हैं जो निजी कारणों के चलते मेयर ऑफिस नहीं पहुंचे। 26 फरवरी को पेश होने वाले नगर निगम के वार्षिक बजट के लिए शुक्रवार को होने वाली बैठक के लिए सभी पार्षदों को बाकायदा लेटर जारी किया गया था। इसमें पार्षदों को लिखित में अपने वार्ड की प्राथमिकताएं सौंपने को कहा गया था। इसके आधार पर निगम ने अपना वार्षिक बजट तैयार करना है। शुक्रवार को दो सेशन में पार्षदों की बैठक बुलाई गई। वार्ड नंबर एक से लेकर 17 तक के पार्षदों को सुबह 11 बजे मेयर ऑफिस में बैठक के लिए बुलाया गया। कुछेक पार्षद कार्यालय पहुंच गए, लेकिन खुद मेयर कुसुम सदरेट कार्यालय नहीं पहुंची थीं। वह करीब पौने 12 बजे दफ्तर पहुंचीं। इसके बाद गिने चुने पार्षदों के साथ बैठक शुरू हुई।
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इन 22 पार्षदों ने सौंपी प्राथमिकताएं
दोनों सेशन में मेयर और डिप्टी मेयर के अलावा पार्षद शैली शर्मा, किमी सूद, सिमी नंदा, तनुजा चौधरी, आनंद कौशल, दिवाकर शर्मा, विवेक शर्मा, संजीव ठाकुर, बिट्टू कुमार, आरती चौहान, कमलेश मेहता, शैलेंद्र चौहान, कुलदीप ठाकुर, राकेश चौहान, विदुशी शर्मा, आशा शर्मा, सत्या कौंडल, कुसुमलता ठाकुर, रचना और पूर्ण मल ने लिखित में अपनी प्राथमिकताएं मेयर को सौंपी।
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बैठक में नहीं पहुंचे ये पार्षद
मेयर ऑफिस के अनुसार पार्षद सुनील धर, किरण बावा, संजय परमार, जगजीत सिंह बग्गा, सुषमा कुठियाला, इंद्रजीत सिंह, अर्चना धवन, शारदा चौहान, रीता ठाकुर, मीरा शर्मा, रेणू चौहान और बृज सूद बैठक में नहीं पहुंचे। इन्हें 20 फरवरी तक प्राथमिकताएं सौंपने को कहा गया है।
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