शिमला। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के चलते वीरवार को शिमला शहर के बाजार भी बंद रहे। मालरोड और लोअर बाजार में सुबह से ही सभी दुकानें बंद रहीं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा उपनगरों में भी ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। संजौली, ढली, न्यू शिमला, खलीणी, बीसीएस, पंथाघाटी, बालूगंज, टुटू, समरहिल, बसस्टैंड समेत ज्यादातर इलाकों में दोपहर तीन बजे दुकानें खुलीं। इसके चलते लोग परेशान रहे। पर्यटकों को भी सामान खरीदने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। व्यापार मंडल ने श्रम एवं रोजगार कार्यालय की ओर से दिशा निर्देश मिलने पर सामूहिक तौर पर दोपहर दो बजे तक दुकानें बंद रखीं। हालांकि, कई जगहों पर दुकानदारों ने इसका विरोध भी किया। इनका कहना था कि जब वे वोट डालने जा रहे हैं तो फिर दुकानें बंद करने का फरमान तानाशाही है। न्यू शिमला, बीसीएस समेत कई जगहों पर दुकानदारों ने आधी दुकानें खुली रखीं।
बाजरों में लगे रहे कूडे़ के ढेर
बाजारों में कूड़े के ढेर ज्यों के त्यों पड़े रहे। घरों का कूूड़ा भी नहीं उठ पाया। बंदर कूड़े के डंपरों में उछल-कूद करते रहे और बाजार की सड़कों पर कूड़ा बिखेर दिया। दुर्गंध फैलने से लोगों का बाजारों से गुजरना मुश्किल हो गया।
शिमला शहर के व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि श्रम एवं रोजगार कार्यालय से मतदान के दिन दोपहर 2 बजे तक दुकानें बंद करने के आदेश दिए गए थे। दो बजे के बाद दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलनी शुरू कर दी थीं।