मुख्य अभियंता ने बताया कि योजक परियोजना का अगला फोकस अब शिंकुला दर्रा को भेदकर चार किमी लंबी टनल निर्माण करना है। जून से टनल का काम शुरू होगा। सुरंग बनने से मनाली से लेह वाया पदमु-निम्मू होकर यातायात 12 महीने बहाल रहेगा। इससे न केवल भारतीय सेना को सीमाओं तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास भी बढ़ेगा।
लेह के लिए दूसरी सड़क का काम भी तेज
शिंकुला दर्रा-मनाली होकर लेह के लिए दूसरा रोड बन रहा है। 25 मार्च को दारचा और कारगियाख दोनों ओर सड़क के छोर आपस में जुड़ गए हैं। अब सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। यह सड़क जांस्कर घाटी को पर्यटन के साथ आर्थिक विकास को पंख लगाएगी।