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Himachal: 20 फुट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर 45 दिनों बाद बहाल हुआ शिंकुला दर्रा

Thu, 04 Apr 2024 07:00 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग

सार

बीआरओ की योजक परियोजना के मुख्य अभियंता आरके साहा ने इसका शुभारंभ किया और हरी झंडी दिखाकर छोटे वाहनों को रवाना किया।
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बीआरओ ने बहाल किया शिंकुला दर्रा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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समुद्रतल से करीब 16,558 फुट ऊंचे शिंकुला दर्रे को सीमा सड़क संगठन ने बहाल कर दिया है। दर्रा बहाल होने के बाद गुरुवार दोपहर सीमा सड़क संगठन की योजक परियोजना के मुख्य अभियंता आरके साहा ने हरी झंडी दिखा वाहन रवाना किए। बीआरओ के 126 आरसीसी ने 45 दिन में शिंकुला दर्रा को बहाल कर जांस्कर घाटी के लोगों के चेहरे में खुशी ला दी। अब जांस्कर वैली के लोग न केवल कुल्लू और लाहौल स्पीति आ-जा सकेंगे, बल्कि पदुम से कारगिल जाने में भी आसानी होगी। मुख्य अभियंता ने बताया कि संगठन को दर्रा बहाल करने के लिए करीब 20 फुट ऊंची बर्फ की दीवारों को माइनस तापमान में मशीनों की सहायता से हटाना पड़ा। पिछले साल बीआरओ के जवानों ने दर्रे को 55 दिन में बहाल किया था और 23 मार्च को यातायात बहाल हुआ।
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मुख्य अभियंता ने बताया कि योजक परियोजना का अगला फोकस अब शिंकुला दर्रा को भेदकर चार किमी लंबी टनल निर्माण करना है। जून से टनल का काम शुरू होगा। सुरंग बनने से मनाली से लेह वाया पदमु-निम्मू होकर यातायात 12 महीने बहाल रहेगा। इससे न केवल भारतीय सेना को सीमाओं तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास भी बढ़ेगा।

लेह के लिए दूसरी सड़क का काम भी तेज
शिंकुला दर्रा-मनाली होकर लेह के लिए दूसरा रोड बन रहा है। 25 मार्च को दारचा और कारगियाख दोनों ओर सड़क के छोर आपस में जुड़ गए हैं। अब सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। यह सड़क जांस्कर घाटी को पर्यटन के साथ आर्थिक विकास को पंख लगाएगी।

 
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