पंजाब रोडवेज की हड़ताल से बुधवार को परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। मंगलवार को चंडीगढ़ और पंजाब से सामान्य के मुकाबले कम बसें शिमला पहुंचीं। इस कारण बुधवार को शिमला से चंडीगढ़ रूट पर बसों में रश रहा। गर्मी के मौसम में रश के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
सामान्य तौर पर चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न रूटों से 30 से अधिक बसें रोजाना शिमला पहुंचती हैं। 15 से 16 बसें रोजाना रात को आईएसबीटी की बस पार्किंग में पार्क रहती हैं। मंगलवार को 15 बसें ही शिमला पहुंचीं और रात में सिर्फ 6 बसें ही पार्किंग में खड़ी रहीं।
ओवरलोडिंग पर कार्रवाई के आदेशों के चलते एचआरटीसी के ड्राइवर कंडक्टर बसों में अधिक सवारियां को लाने ले जाने में भी एतराज करते रहे। लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर, भटिंडा, फिरोजपुर और मोगा के रूट सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। मंगलवार से शुरू हुई पंजाब रोडवेज की तीन दिवसीय हड़ताल वीरवार को भी जारी रहेगी।
शिमला कम आ रही रोडवेज की बसें : अशोक
आईएसबीटी के ऑपरेशन मैनेजर अशोक शर्मा ने कहा कि हड़ताल के कारण मंगलवार से पंजाब रोडवेज की बसें सामान्य से कम संख्या में शिमला पहुंच रही हैं। मंगलवार को 15 बसें ही शिमला पहुंची थीं, बुधवार को शाम छह बजे तक 9 ही बसें शिमला पहुंचीं। वीरवार को पंजाब रोडवेज की सेवाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं।