कार्यकारी परिषद की बैठक में बीते रोज एलएडी को विवि से हटाने को लेकर कर्मचारियों द्वारा की गई शाखा की तालाबंदी का मामला भी गूंजा। इसमें सदस्यों ने मांग उठाई कि एलएडी की विवि के पास कोई जवाबदेही नहीं है। हाजिरी तक का विवि के पास रिकार्ड नहीं है। स्टाफ पर कोई कंट्रोल नहीं है।
बैठक में फैसला लिया गया कि एलएडी शाखा विवि के लिए कार्य करती है तो यहां तैनात सभी कर्मचारियों का हाजिरी का रिकार्ड विवि के पास होना चाहिए। इन कर्मियों की एसीआर विवि के कुलपति के हाथों लिखी जानी चाहिए। एलएडी के हर मामले में आपत्तियां लगाकर बेवजह बिलों को रोकने की कार्यप्रणाली में सुधार लाए जाने को आवश्यक कदम उठाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजे जाने पर सहमति बनी।
वहीं सात छात्रों के निष्कासन पर कोई फैसला बैठक में नहीं हुआ। बैठक में कुलपति के कार्यकाल में हिंसा और घेराव के मामले को लेकर निष्कासित किए एसएफआई के साथ छात्रों के निष्कासन के मामले पर चरचा जरूर हुई लेकिन निष्कासन बहाली पर कोई फैसला नहीं हो पाया।