राजधानी में भवन बनाने के लिए शहरवासियों को अब एक और शर्त पूरी करनी होगी। पेयजल, सीवरेज लाइन और बिजली के बाद कूड़ा शुल्क की भी एनओसी भवन बनाने के लिए लेनी होगी। यह शर्त उन लोगों पर लागू होगी जो पहले से शहर में रह रहे हैं और नगर निगम की डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से जुड़े हैं। राजधानी में सफाई व्यवस्था बनाए रखने और कूड़ा शुल्क न देने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम ने यह शर्त लगाई है।
शहर में हजारों ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके घरों से कूड़ा तो उठता है, लेकिन ये इसका शुल्क नहीं चुकाते। नगर निगम ने जो रिकॉर्ड तैयार किया है, उसके अनुसार एक हजार से अधिक लोगों से कूड़ा शुल्क वसूला जाना है। निगम प्रशासन का कहना है कि जब पेयजल, बिजली और सीवरेज लाइन की एनओसी लेना जरूरी है तो कूड़ा शुल्क की भी शर्त पूरी की जानी चाहिए। शहर में रह रहा कोई व्यक्ति यदि नगर निगम एरिया में कहीं भी अपना मकान बनाना बनाना चाहता है तो उसे पहले कूड़ा शुल्क की एनओसी लेनी होगी।
नगर निगम ने लागू की शर्त
नगर निगम ने यह शर्त लागू कर दी है। निगम की स्वास्थ्य शाखा में लोग एनओसी के लिए आवेदन भी करने लगे हैं। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा का कहना है कि भवन निर्माण के लिए कूड़ा शुल्क की भी एनओसी लेना जरूरी होगा। एनओसी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति ने शुल्क नहीं चुकाया है तो उसे पहले बकाया शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके बाद ही एनओसी मिलेगी।