आंखों में जलन या सूजन आ रही है तो सतर्क हो जाइए। यह आई फ्लू भी हो सकता है। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में रोजाना नेत्ररोग ओपीडी में पांच से सात मामले आई फ्लू के आ रहे हैं।
शहरवासियों में बच्चों तथा बुजुर्गों में यह समस्या अधिक है। अगर समय पर बीमारी का उपचार नहीं करवाया गया तो आंखों की पुतली में निशान छोड़ने के कारण उनमें धुुंधलापन आ जाता है। समय रहते उपचार न करवाया गया तो आंखों को नुकसान भी हो सकता है।
यह जानकारी आईजीएमसी के नेत्ररोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरएल शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हालांकि यह बीमारी दो हफ्तों में ठीक हो जाती है लेकिन बुजुर्ग और बच्चों में इसको लेकर अभिभावकों को काफी एहतियात बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि यह एक बच्चे से दूसरे बच्चे को फैल सकता है।
नेत्ररोग विशेषज्ञ चिकित्सक विनोद शर्मा ने बताया कि आंखों की देखभाल शरीर के अन्य भागों की तरह महत्वपूर्ण है क्योंकि जरा सी लापरवाही से आंखें खराब हो सकती हैं। आंखों में लाल होना, सूजन आना, आंखों से पानी आना और दर्द आई फ्लू के मुख्य लक्षण हैं। बताया कि यह एक तरह का संक्रमण होता है। हालांकि इनके मुख्य कारण होते हैं छोटे जीवाणु और वायरस से हुआ संक्रमण।
आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। लेकिन कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी जिम्मेदार होता है। धूल और गंदगी इसके मुख्य कारण होते हैं। इसके बाद यह एक आंख से दूसरे आंख में भी फैल जाती हैं।
आई फ्लू के यह हैं लक्षण
- आंखें लाल होना
- आंखों में खुजली होना
- आंखों से धुंधला दिखाई देना
- आंखों से पानी आना
इस तरह करें बचाव
- पीड़ित व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाना चाहिए।
- आंखों को हाथ से नहीं रगड़ना चाहिए।
- यदि बच्चे की आंख में हुआ तो उसे स्कूल न भेजें।
- आंखों को गुनगुने पानी से धोए
- किसी दूसरे को तौलिया, रुमाल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए