शहर के सौंदर्यीकरण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से मिले करोड़ों रुपये की जमकर बर्बादी की जा रही है। मालरोड से सटी जिन सड़कों को टारिंग कर चकाचक करने का दावा किया था वह चंद दिनों में ही उखड़ गई। कमला नेहरू अस्पताल जाने वाली सड़क पर कई जगह उखड़ी टारिंग नेे काम की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एडीबी प्रोजेक्ट के तहत 29 अक्तूबर को ही केएनएच सड़क की टारिंग की गई थी। लेकिन दो-तीन दिन बाद ही यह उखड़ने लगी।
सड़क पर कई जगह बजरी के ढेर लग गए हैं जबकि बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी टारिंग का क्या फायदा जो एक हफ्ते भी नहीं टिक पाई। वहीं, सड़क के बीच बिछी पाइपलाइनें चेक करने के लिए नगर निगम ने भी कई जगह से सड़क खोद डाली है। अब हालत यह है कि सड़क पर पहले की तरह जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। सड़क पर उखड़ी पड़ी बजरी भी हादसे को न्योता दे रही है। हालांकि, प्रोजेक्ट अधिकारियों का दावा है कि अभी ठेकेदार को पेमेंट नहीं दी गई है। जहां सड़क उखड़ी है, उसे दोबारा दुरुस्त कर दिया जाएगा।
सवाल उठे तो दूसरे को ठहराने लगे जिम्मेदार
प्रोजेक्ट देख रहे अधिकारियों का कहना है कि निगम ने टारिंग के दूसरे ही दिन पांच जगह सड़क खोद दी। लेकिन इसे ठीक नहीं किया। इसी से सड़क खराब हो गई है। निगम का कहना है कि टारिंग में सप्लाई देने वाली लाइनें दबा दी गई थीं। इसीलिए खुदाई करनी पड़ी। खुदाई से जहां नुकसान हुआ है, उसका पैसा चुका दिया जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां खुदाई नहीं हुई, वहां सड़क कैसे उखड़ गई।
एमसी की खुदाई से पड़े हैं गड्ढे
टारिंग के दूसरे ही दिन एमसी ने पानी की लाइनें ठीक करने के लिए पांच जगह खुदाई कर दी। इससे ही गड्ढे पड़े हैं। एमसी को भी इस बारे में लिखा है। जहां दूसरी जगह यह सड़क उखड़ी है, उसे हम ठीक करवा देंगे। - सोमनाथ शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर एडीबी
नुकसान का पैसा चुका देंगे
यदि पाइपलाइनों को लेकर की खुदाई के कारण सड़क को नुकसान हुआ है तो उसका पैसा चुका दिया जाएगा। अभी सूचना नहीं है कि कितनी जगह खुदाई हुई है।-धर्मेंद्र गिल, एमडी शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड