वन्य जीव विभाग अब तीन जिलों में बंदरों पर अध्ययन करेगा। कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर में यह अध्ययन किया जाएगा। तीनों जिलों से बंदरों के एक-एक झुंड को टीम पकड़ेगी। बंदरों के झुंड को पकड़ने के बाद इनकी नसबंदी की जाएगी और वहीं पर छोड़ा जाएगा, जहां से इन्हें पकड़ा जाएगा।
बंदरों की नसबंदी के बाद विभाग की विशेषज्ञ टीम इन बंदरों की हरकतों को जानेगी। विभाग इसमें देखेगा कि बंदरों की नसबंदी करने के बाद इनके स्वभाव में कितना परिवर्तन आता है। विभाग को लोगों से जानकारी मिली है कि बंदरों की नसबंदी के बाद इनके स्वभाव में काफी परिवर्तन आ जाता है।
ये बंदर पहले से ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इसी को देखते हुए दिसंबर माह में तीन जिलों में बंदरों पर अध्ययन किया जाएगा। वन्य जीव मंडल हमीरपुर के डीएफओ कृष्ण कुमार ने कहा कि तीन जिलों में बंदरों पर अध्ययन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोगों से सूचना मिली है कि नसबंदी करने के बाद ये काफी आक्रामक हो जाते हैं। कृष्ण ने कहा कि इसी को देखते हुए बंदरों पर अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है।