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वतन वापसी: यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे हिमाचल के 150 विद्यार्थी, अभिभावकों ने राहत की सांस

Fri, 25 Feb 2022 09:25 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

शुक्रवार को पश्चिमी यूक्रेन की बुकोवेनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (बीएसएमयू) में पढ़ने वाले भारत के करीब 2000 प्रशिक्षु डॉक्टरों को सुरक्षित रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचाया गया है। इनमें प्रदेश के करीब 150 प्रशिक्षु डॉक्टर शामिल हैं। 
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यूक्रेन से लौटते हिमाचल व अन्य राज्यों के विद्याथी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के तनावपूर्ण माहौल के बीच यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हिमाचल प्रदेश के प्रशिक्षु डॉक्टरों की वतन वापसी की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को पश्चिमी यूक्रेन की बुकोवेनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (बीएसएमयू) में पढ़ने वाले भारत के करीब 2000 प्रशिक्षु डॉक्टरों को सुरक्षित रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचाया गया है। इनमें प्रदेश के करीब 150 प्रशिक्षु डॉक्टर शामिल हैं। सूचना है कि दो विशेष कारगो विमान से 500 प्रशिक्षु डॉक्टरों को शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचाया जाएगा, जिसमें हिमाचली प्रशिक्षु भी शामिल होंगे। इससे अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। रोमानिया की सीमा से मेडिकल यूनिवर्सिटी करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है। बताया जा रहा है कि 1500 प्रशिक्षु डॉक्टर शनिवार और रविवार को भेजे जाएंगे।

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बीएसएमयू के सलाहकार डॉ. सुनील शर्मा नेे बताया कि भारतीय दूतावास व केंद्र सरकार के सहयोग से प्रशिक्षु डॉक्टरों को वहां से निकाला जा रहा है। शनिवार और रविवार को रोमानिया से दिल्ली के लिए विशेष विमान से प्रशिक्षु डॉक्टरों को लाया जा रहा है। विवि के 2000 प्रशिक्षुओं को रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचाया जा चुका है, जिनमें 150 हिमाचली हैं। उन्होंने बताया कि दूतावास के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशिक्षु डॉक्टर बसों के आगे भारतीय झंडा लगाकर रोमानिया की सीमा तक पहुंचे। यहां जांच के बाद उन्हें रोमानिया में प्रवेश मिल रहा है। उधर, बसों से उतरने के बाद बॉर्डर पर कतारों में लगकर विद्यार्थी कागजी औपचारिकताएं पूरी करवाते रहे और वतन वापसी के लिए बेकरार भी दिखे।

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बंकर में छिपे हैं, अभी आने का नहीं हुआ कोई भी प्रबंध

फ्लाइट का इंतजार। - फोटो : संवाद
 रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण यूक्रेन में फंसे लोगों के लिए उनके परिजन परेशान हैं। लडभड़ोल के एक युवक के दादा-दादी का भी यही हाल है। माता-पिता का देहांत हो चुका है। अब दादा-दादी को युवक की चिंता दिन-रात सता रही है। उधर, पोते के दोस्त ने दादा-दादी से शुक्रवार को फोन पर बात की है। बताया कि अभी तक वे सुरक्षित हैं और एक बंकर में छिपे हैं। बताया कि अभी उनके आने का कोई प्रबंध नहीं हो रहा है। इससे वह चिंता में हैं। लडभड़ोल की बाग पंचायत के गांव छोटी बाग के विवेक सिंह पुत्र स्वर्गीय मनोहर सिंह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर दादा-दादी चिंतित हैं।

वह प्रशासन और लोगों से बार-बार पोते का कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। विवेक सिंह के माता-पिता का देहांत हो चुका है। विवेक की पढ़ाई के साथ सभी जिम्मेदारियां दादा-दादी ही निभा रहे हैं। विवेक के दादा होशियार सिंह ने विवेक और अन्य सभी लोगों को सकुशल भारत लाने की सरकार से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उनका छोटा पोता भुवनेश सिंह भी फैजाबाद में चाचा के साथ रह रहा है। वह अस्वस्थ चल रहा है। दोनों बच्चों का खर्च दादा-दादी ही उठा रहे हैं। उधर, पंचायत बाग के प्रधान राजीव खान ने भी विवेक सिंह के सही सलामत घर वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
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