हिमाचल प्रदेश में लोगों को गंदा पानी पीने से पीलिया हो रहा है। इस साल अब तक पीलिया के डेढ़ सौ मामले अस्पतालों में पहुंच चुके हैं। सबसे ज्यादा हैपेटाइटिस ए के 96 मामले और 51 मामले हैपेटाइटिस ई के सामने आए हैं। बाकी दस हैपेटाइटिस ए और 51 मामले हैपेटाइटिस ई दोनों संयुक्त रहे हैं।
स्वच्छ पेयजल न मिल पाना लोगों के लीवर को खराब कर रहा है। एक जनवरी 2018 से आठ जून 2018 के आंकड़ों की बात करें तो हिमाचल में पीलिया के 157 मामले सामने आए। ये आंकडे़ स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय ने एकत्र किए हैं।
इनमें से हैपेटाइटिस ए के कुल 96 में से आईजीएमसी में 1, टांडा मेडिकल कॉलेज में 5, बिलासपुर में 16, चंबा में 22, हमीरपुर में 3, शिमला में 24, कुल्लू में 5, मंडी में 14 और सिरमौर में 6 मामले पहुंचे हैं।
हैपेटाइटिस ई के आईजीएमसी में 3, टांडा मेडिकल कॉलेज में 2, बिलासपुर में 2, कांगड़ा के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में 4, हमीरपुर में 2, कुल्लू में 1, मंडी में 13, शिमला के अन्य अस्पतालों में 13, सिरमौर में 5 और सोलन में 6 केस सामने आए हैं।
इसी तरह से हैपेटाइटिस ए और ई दोनों के आईजीएमसी, सोलन, सिरमौर और मंडी में एक-एक और शिमला के अन्य अस्पतालों में 6 मामले उजागर हुए।