इस बीच, कुछ आवेदकों ने हाईकोर्ट में अपात्रों की नियुक्ति को चुनौती दे दी। महकमे ने हाईकोर्ट के निर्देश पर ऐसे उम्मीदवारों की दोबारा शारीरिक दक्षता परीक्षा ली और मेडिकल में वे अनफिट पाए गए, लेकिन अभी तक उनकी नौकरी पर कोई फैसला नहीं लिया गया। सत्ता से नजदीकी के चलते पुलिस अधिकारियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच, सूबे का निजाम बदल गया और सत्ता में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार आ गई।
सरकार के सख्त रुख के बाद पुलिस मुख्यालय अब शिमला और ऊना के संबंधित कुछ पुलिस अधिकारियों और टेस्ट में पास करने वाले डाक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि जल्द ही घोटाले में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं नियमों के विपरीत नौकरी पर लगे लोगों पर फैसला कोर्ट करेगा।