बॉन्ड तोड़कर अच्छे पैकेज के लिए बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे 15 डॉक्टरों को सरकार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। पीजी करने के बाद 34 डॉक्टर बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी को हिमाचल लौटने का नोटिस दिया है, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर 15 को बर्खास्त कर दिया है जबकि अन्य के मामलों में छानबीन जारी है। सरकार ने साफ किया है कि अब इन डॉक्टरों को प्रदेश में सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी।
हिमाचल में डॉक्टरों के पीजी करने पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। इन डॉक्टरों ने हिमाचल में पीजी की और वरिष्ठता समेत अन्य वित्तीय लाभ लेकर बॉन्ड तोड़कर बाहरी राज्यों में चले गए। नियमों के मुताबिक पीजी करने के बाद डॉक्टरों को पांच साल तक हिमाचल में सेवाएं देनी होती हैं।
उन्हें हिमाचल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि पीजी करने के बाद डॉक्टरों को रोकना आवश्यक हो गया है। डॉक्टर बाहर न जाएं, इसके चलते नियम कठोर किए जा रहे हैं।