हिमाचल में सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक अभियान के तहत साल 2016-17 में पहली से जमा दो कक्षा के लिए 1451 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है। वीरवार को राज्य सचिवालय की ऑर्म्सडेल बिल्डिंग के सभागार में एसएसए और आरएमएसए की कार्यकारी परिषद की बैठक में प्लान को मंजूरी दे दी गई। अब दस मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालय के साथ प्लान पर चर्चा होगी।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही एसएसए और आरएमएसए के लिए हिमाचल को बजट जारी होगा। साल 2015-16 में केंद्र सरकार ने 700 करोड़ का बजट मंजूर किया था। कार्यकारी परिषद बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने की। बैठक में राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक राजीव शर्मा सहित वित्त और योजना विभाग के कई अफसर मौजूद रहे।
वित्त और योजना विभाग की मंजूरी के बाद ही 1500 करोड़ रुपये के प्लान को कार्यकारी परिषद की बैठक में लाया गया। सर्व शिक्षा अभियान के लिए 625 करोड़ और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 826 करोड़ का प्लान तैयार किया गया है। प्लान के तहत साल 2016-17 में शुरू की जाने वाली योजनाओं का उल्लेख किया गया है। हर योजना के अलग-अलग प्रस्तावित बजट की मांग की गई है।
जिलों में खुलेंगे तीन लैब स्कूल
सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश में निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए हर जिले में सरकार तीन-तीन लैब स्कूल खोलेगी। इन स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। फिजिकल एजूकेशन, पर्यावरण शिक्षा पर फोकस रहेगा। विज्ञान और गणित विषय में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए अधिक प्रयास किए जाएंगे। रीडिंग और राइटिंग पर अधिक जोर दिया जाएगा।
317 अपग्रेड स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा
प्रदेश में बीते एक साल के दौरान अपग्रेड हुए 317 स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू की जाएगी। इन स्कूलों में आईसीटी लैब गठित की जाएंगी। वोकेशनल शिक्षा को नवीं कक्षा से शुरू किया जाएगा। स्कूलों को ई गवर्नेंस से जोड़ा जाएगा। कलस्टर स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। आनलाइन प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी है।
ग्यारहवीं के स्टूडेंट्स भी समझेंगे रूसा का फंडा
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ग्यारहवीं कक्षा के बच्चों को भी रूसा का फंडा समझाया जाएगा। कालेजों में सही विषयों का चुनाव करने में पेश आने वाली दिक्कतों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बीते दिनों शुरू की गई योजना में बदलाव किया है। अब बारहवीं कक्षा के बच्चों के साथ ग्यारहवीं के बच्चों को भी जागरूक किया जाएगा।
स्कूल के समीप स्थित कालेजों से शिक्षकों और छात्रों की टीम बच्चों को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान से अवगत करवाएगी। कालेजों में विद्यार्थियों को च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम को समझने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए रूसा निदेशालय ने स्कूलों में जाने का फैसला लिया है। इसके तहत बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए कालेज शिक्षकों की विशेष टीमें बनाई गई हैं।
हर स्कूल में दो घंटे का लेक्चर दिया जा रहा है। 28 फरवरी से पहले सभी स्कूलों में इस अभियान को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य के लिए हर कालेज को बीस-बीस हजार रुपये का बजट भी दिया जा रहा है। राज्य परियोजना निदेशक रूसा डा. अमरदेव ने अभियान को ग्यारहवीं कक्षा में भी चलाने के स्कूल और कालेज प्रिंसिपलों को लिखित में निर्देश जारी कर दिए हैं।