प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत करीब 1428 कंप्यूटर अध्यापक पिछले चार माह से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
यह आरोप प्रदेश कंप्यूटर अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रोशन लाल मेहता एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दलजीत मन्हास ने महाराणा प्रताप भवन लब (जवाली) में आयोजित बैठक में लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उन्हें 15 हजार रुपये सैलरी देने की घोषणा की थी। अधिसूचना जारी होने के उपरांत भी अक्तूबर-नवंबर में कंप्यूटर अध्यापकों को 15-15 हजार रुपये वेतन मिलना था, लेकिन यह वेतन मिलना तो दूर पहले वाला वेतन भी नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में करीब 1428 कंप्यूटर अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी तथा कंप्यूटर शिक्षा का जिम्मा कंपनी को सौंपा गया था। मौजूदा समय में यह ठेका नीलेट कंपनी के पास है।
नीलेट कंपनी को बार-बार एक्सटेंशन देकर समय बढ़ाया जा रहा है, लेकिन कंप्यूटर अध्यापकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। संघ ने शिक्षा विभाग से पिछले चार माह का वेतन अतिशीघ्र देने और उनमें से दो माह का वेतन
घोषणानुसार 15-15 हजार रुपये देने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष गगनदीप शर्मा, भुवनेश शर्मा, अरुण कुमार, दिनेश धर्माणी और राजीव पठानिया आदि मौजूद रहे।