अमर उजाला ब्यूरो
करसोग/ धर्मपुर (मंडी)।
जिले के कुछ स्कूलों में बुधवार को आयरन की गोलियां खाने से कई विद्यार्थियों की हालत बिगड़ गई। स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना इनके परिजनों को दी और विद्यार्थियों को उपचार के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इन्हें अचानक पेट दर्द, चक्कन आने और उल्टी की शिकायत हुई। बाद में उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल काओ, मेहंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिधपुर में ऐसा मामला सामने आया। करसोग उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काओ के 27 छात्र-छात्राएं आयरन की गोलियां खाने के बाद बीमार हो गए।
पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के चलते अध्यापकों ने तुरंत विद्यार्थियों को नागरिक चिकित्सालय करसोग पहुंचाया। यह मामला दिन के समय हुआ जब एक छात्र ने अचानक पेट दर्द उल्टी की शिकायत अध्यापक से की। इसके बाद और भी छात्र-छात्राएं शिकायत करने लगे। अध्यापकों ने तुरंत सभी छात्रों को 108 व निजी वाहनों के माध्यम से करसोग पहुंचाया। प्रधानाचार्य योगेश गुप्ता ने बताया कि बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उधर, क्षेत्र के मेहंडी स्कूल के बच्चों को भी गोलियां खाने से पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत आई है।
सिधपुर स्कूल में आयरन की गोलियां खाने से 24 विद्यार्थी बीमार पड़ गए। चक्कर आने और पेट दर्द की शिकायत के चलते इन्हें उपचार के लिए तुरंत सिविल अस्पताल धर्मपुर लाया गया। बाद में हालत ठीक होने पर बच्चों को घर भेज दिया गया। बच्चों की बिगड़ती हालत देखकर पाठशाला के प्रधानाचार्य ने इनके परिजनों को मामले की सूचना दी। साथ ही बच्चों को तुरंत नजदीकी सब सेंटर ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को सिविल अस्पताल धर्मपुर लाया गया। यहां उपचार करने के बाद उन्हें बच्चों की हालत में सुधार देखकर उन्हें घर वापस भेज दिया गया। प्रधानाचार्य सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि हर बुधवार की भांति इस बार भी बच्चों को आयरन की गोलियां दी गईं, मगर इससे बच्चों को चक्कर आने लगे और उनके पेट में दर्द होने लगा। इस पर उन्हें नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। वहां प्रथम उपचार के बाद उन्हें धर्मपुर सिविल अस्पताल में ले गए। यहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार देख उन्हें घर भेज दिया गया है। वहीं, सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉ. अभिषेक ने कहा कि हालत ठीक होते ही बच्चों को घर भेज दिया गया है।
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