हिमाचल विवि में प्रोस्पेक्टस घोटाले की जांच को लेकर कुलपति द्वारा बनाई कमेटी ने जांचकर रिपोर्ट कुलसचिव को शनिवार को सौंप दी। इक्डोल निदेशक की अध्यक्षता में बनाई 5 सदस्य कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 80 लाख से एक करोड़ के बीच प्रोस्पेक्टस बिक्री में वित्तीय अनियमितता पाई है।
इसमें एक ही कर्मचारी को संलिप्त बताया है। जांच कमेटी ने पूरे मामले की छानबीन में पाया की प्रोस्पेक्टस बेचने का काम करने वाला कर्मचारी कई सालों से यह गोलमाल करता रहा। इसमें वह रोजाना बिकने वाले प्रोस्पेक्टस की सही धनराशि जमा नहीं करवाई गई। यह कर्मचारी हर रोज पैसे डकारता रहा। जांच में यह राशि लाखों रुपये की निकली है।
गौरतलब है कि 13 नवंबर को विश्वविद्यालय में एजी के ऑडिट के दौरान यह घोटाला सामने आया था। कुलपति के आदेशों पर कुलसचिव ने 5 सदस्य जांच कमेटी गठित कर इसकी जांच शुरू करवाई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने कर्मचारी निलंबित भी कर दिया था।
विवि के कुलसचिव घनश्याम चंद ने बताया कि जांच कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। अभी उसे स्टडी नहीं किया जा सका है, पढ़ने के बाद ही विवि मामले में आगे कार्रवाई करने पर फैसला लेगा