बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा।
करीब सात माह बाद 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा बहाल हो गया है। बुधवार शाम को दर्रा में दोनों छोर आपस में जुड़ गए हैं। बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा। अब दोनों छोर मिलाने के बाद बीआरओ तंग सड़क को चौड़ा करने में का काम करेगा। इस ओर बीआरओ के जवानों ने 10 से 12 फीट ऊंची बर्फ के दीवारों को हटाया। सीमा सड़क संगठन 94 के सहायक अभियंता (सिविल) बीडी धीमान की अगुवाई में चल रहे रोहतांग बहाली का कार्य अंजाम तक पहुंचा दिया है।
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धीमान ने बुधवार 4:00 बजे के करीब लाहौल की तरफ से मशीन टॉप पर पहुंची। उन्होंने इसके लिए अपने जवानों के अथक प्रयासों की सराहना की है। कहा कि जून तक लगातार दर्रा में बर्फबारी का दौर जारी रहा, ऐसे में दर्रा को बहाल करने में समय लगा है। कुल्लू-मनाली और लाहौल घूमने पहुंच रहे पर्यटकों को भी रोहतांग खुलने का बेसब्री से इंतजार है। बीआरओ के सहायक अभियंता बीडी धीमान ने बताया कि बहाली के बाद बर्फ से संकरी सड़क से कटिंग और और पार्किंग बनाने का काम शुरू होगा। इसके बाद ही पर्यटकों को अनुमति दी जा सकेगी।