मंडी बस अड्डे पर खडी निजी बसें
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एचआरटीसी के बाद निजी बसें शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली है। सोमवार से निजी ऑपरेटरों ने प्रदेश के लंबे और लोकल रूटों पर 125 बसें चलाईं। वहीं, कुल्लू-मंडी लांग रूट पर 60 फीसदी से अधिक सवारियां होने पर बस को परिवहन विभाग मंडी ने जब्त कर लिया। परिवहन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई पर निजी बस ऑपरेटर संघ भड़क गया है। ऑपरेटरों का मानना है कि एक तो निजी ऑपरेटर घाटे की मार झेल रहे है, ऊपर से बस बाउंड किए जाने से परेशानी और बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक यह बस 42 सीटर थी। नियमों के मुताबिक 60 फीसदी के हिसाब से इसमें 28 सवारियां होनी चाहिए थीं, लेकिन मौके पर बस के भीतर 35 सवारियां पाई र्गइं। ओवरलोडिंग और सोशल डिस्टेंस का पालन न किए जाने पर इस बस को जब्त किया गया है। वहीं, प्रदेश निजी बस ऑपरेटर महासंघ के अध्यक्ष राजेश पराशर ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों ने परिवहन सेवाएं शुरू कर दी हैं। उन्होंने बस को जब्त करने के मामले में सरकार से राहत देने की बात कही है।
जहां सवारियां, वहां दौड़ने लगीं निजी बसें
हिमाचल के जिन रूटों पर सवारियां ज्यादा हैं, निजी बस ऑपरेटर उन्हीं रूटों पर बसें चला रहे हैं। इन रूटों में शिमला-सोलन, शिमला-हमीरपुर, करसोग-शिमला आदि शामिल हैं। ऑपरेटरों का मानना है कि डीजल का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा है।
कैबिनेट बैठक से निजी बस संचालकों को आस
हिमाचल में मंत्रिमंडल की बैठक 25 जून को प्रस्तावित है। इसमें निजी बस ऑपरेटरों को राहत देने का फैसला लिया जाना है। हालांकि प्रदेश सरकार ने किराया बढ़ाने से साफ मना कर दिया है। ऐसे में उम्मीद है कि ऑपरेटरों का टैक्स माफ किया जा सकता है। कोरोना के चलते सरकार पहले भी ऑपरेटरों के टैक्स माफ किए हैं। हिमाचल में करीब 3100 निजी बसें हैं।