शहर के एक निजी बैंक के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ बालूगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने गुंडों के साथ मिलकर सड़क पर पार्क गाड़ी को क्रेन के माध्यम से उठा लिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इन लोगाें के खिलाफ समरहिल चौकी में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन यहां से शिकायतकर्ता को एसपी के पास शिकायत दर्ज करने के लिए कहा गया। मामला इसके बाद भी दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता मामले को लेकर कोर्ट चले गए। अब कोर्ट के आदेशों पर संबंधित बैंक मैनेजर और तीन अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट ने पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह बालूगंज क्षेत्र की नेरी पंचायत का निवासी है। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनके भाई ने कारोबार करने के लिए बैंक से लोन पर गाड़ी खरीदी थी। कुछ सालों बाद भाई की मौत हो गई। इसके बाद राजेंद्र सिंह गाड़ी इस्तेमाल करने लगे। कुछ महीने बाद बैंक मैनेजर उसके घर आया और डरा धमकाकर गाड़ी को वापस मांगने का दबाव डालने लगा। इसके बाद समरहिल चौक पर गाड़ी को उठाने के लिए बैंक मैनेजर कुछ अन्य लोगों के साथ क्रेन लेकर पहुंच गया। चाबी नहीं दी तो मैनेजर ने तीन लोगों को साथ रास्ता रोक कर मारने की धमकी दी और क्रेन के माध्य से सड़क से गाड़ी उठाने लगे। शिकायतकर्ता ने इस मामले में पुलिस की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। डीएसपी पुलिस हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
गाड़ी की करवाई थी सुरक्षा इंश्योरेंस पॉलिसी
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके भाई ने कार की सुरक्षा इंश्योरेंस पॉलिसी करवाई थी। इसी बीच उसके भाई की मौत हो गई। एजेंसी से पता चला कि गाड़ी मालिक के मृत्यु के बाद पॉलिसी के तहत गाड़ी की पॉलिसी का प्रीमियम माफ हो जाता हैै लेकिन बैंक अधिकारी ने गुंडों को साथ लाकर जबरदस्ती गाड़ी उठाने की कोशिश की।