शहर में चलने वाली स्कूल टैक्सियों में ओवरलोडिंग पाए जाने पर अब परिवहन विभाग स्कूल टैक्सी का परमिट रद्द कर देगा। न्यायालय के आदेशों पर परिवहन विभाग के निरीक्षण दस्ते सोमवार से शहर में स्कूल टैक्सियों का निरीक्षण करेंगे।
स्कूल टैक्सियों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए न्यायालय के आदेशों पर मार्च माह में विभागों ने साझा अभियान चलाया था। जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की कड़ाई के बाद स्कूल टैक्सियों में ओवरलोडिंग रोकी गई थी, लेकिन अब फिर से स्कूल टैक्सियों में बच्चों को भेड़ बकरियों की तरह ठूंसना शुरू कर दिया गया है।
स्कूल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए अप्रैल महीने में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गाइड लाइन को मंजूरी दी गई थी। गाइड लाइन में स्पृष्ट कहा गया था कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल टैक्सियों और स्कूल बसों में ओवरलोडिंग कतई बर्दाश्त न की जाए। बावजूद इसके तीन महीने बाद ही टैक्सी ऑपरेटरों ने बच्चों को लाने ले जाने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग करनी शुरू कर दी है। स्कूल टैक्सियों में सीटों के बीच फट्टे लगा कर बच्चों को बैठाया जा रहा है।
-स्कूल टैक्सियों में ओवरलोडिंग की शिकायतें मिल रही हैं। स्कूल टैक्सी ऑपरेटरों को गाड़ियों में ओवरलोडिंग न करने को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए थे। सोमवार से दोबारा टैक्सियों का निरीक्षण किया जाएगा। जिन टैक्सियों में ओवरलोडिंग पाई जाएगी, उनके परमिट कैंसल कर दिए जाएंगे। - भूपेंद्र कुमार अत्री, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला
कैंपस में ओवरलोडिंग रोकना स्कूल की जिम्मेदारी
न्यायालय के आदेशों पर उपायुक्त शिमला की ओर से जारी निर्देशों के तहत स्कूल परिसरों में पहुंचने वाली या परिसर से रवाना होने वाली स्कूल टैक्सियों में ओवरलोडिंग रोकना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। ऐसा करने वाले टैक्सी ऑपरेटरों पर स्कूल प्रबंधन यदि कार्रवाई नहीं करता तो यह नियमों का उल्लंघन है।