तंबाकू उत्पादों और खाने-पीने की वस्तुओं के कारोबार को लेकर प्रस्तावित नए नियमों पर व्यापारी भड़क गए हैं। राजधानी शिमला में शुक्रवार को पान, बीड़ी और सिगरेट एसोसिएशन सोसायटी ने नए नियमों का विरोध कर रैली निकाली। कारोबारियों ने कहा कि उन्हें नए नियम मंजूर नहीं।
इससे उनको भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। कारोबारियों के मुताबिक नए नियमों में तंबाकू उत्पादों के साथ खाने-पीने की वस्तुएं नहीं बेची जा सकेंगी। दोनों के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने होंगे तथा दुकानें भी अलग होंगी।
शहर में ऐसे सैकड़ों कारोबारी हैं जो छोटी-छोटी दुकानों में तंबाकू उत्पादों के साथ बिस्कुट और शीतल पेय पदार्थ बेचते हैं। ऐसे में नए नियम लागू होने पर उनका कारोबार चौपट हो सकता है। सोसायटी ने शुक्रवार को जैन धर्मशाला से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा।
प्रेसवार्ता में सोसायटी के चेयरमैन अशोक कुमार ने कहा कि केंद्र के दिशानिर्देश पर प्रदेश सरकार बीड़ी, सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पादों को बेचने के लिए लाइसेंस सिस्टम लागू करने जा रही है। इससे उन दुकानों पर खाने-पीने की वस्तुएं बेचने पर प्रतिबंध लग जाएगा जहां तंबाकू उत्पादों की बिक्री होगी।
कहा कि वर्तमान में हजारों ऐसे कारोबारी हैं जो अपनी छोटी दुकानों में तंबाकू उत्पादों के साथ बिस्कुट, शीतल पेय, खाना पकाने के मसाले, साबुन और पैन आदि बेचकर कमाई करते हैं। अब यदि तंबाकू उत्पादों की बिक्री बंद हो जाएगी तो इनकी आय घट जाएगी।
लाइसेंस सिस्टम से होगी बंदरबांट- सोसायटी के अध्यक्ष राज किशोर, उपाध्यक्ष विनोद कुमार और सचिव राम किशोर ने कहा कि सरकार तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए जो लाइसेंस सिस्टम लागू करने जा रही है, उससे बंदरबांट होगी। यह लाइसेंस पंचायत या नगर निगम देगा।
लेकिन यह संस्थाएं अपने चहेतों को ही इसका वितरण करेगी। इसके अलावा तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर विज्ञापन की अनुमति न देना भी गलत है। सोसायटी ने मांग की है कि इस नियम को लागू न कर कारोबारियों को राहत दी जाए। सोसायटी जल्द ही इस मामले को लेकर सरकार से भी मिलेगी।
यह है नया नियम- केंद्र सरकार ने पिछले साल अधिसूचना जारी कर तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली दुकानों पर खाने-पीने की वस्तुएं बेचने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए थे।
इसके तहत जिन दुकानों पर बीड़ी और सिगरेट की बिक्री हो रही है, वह अब बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक्स समेत दूसरी खाने पीने की वस्तुएं नहीं बेच सकेंगे। देश के कई राज्यों में इसे लागू भी कर दिया गया है। प्रदेश में भी अब इसे लागू करने की चर्चा है।