अमर उजाला ब्यूरो
लंज(कांगड़ा)। कस्बा लंज के दर्जनों गांव तीन दिन से अंधेरे में हैं। तूफान के चलते क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों के कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में एक सप्ताह लग सकता है। इसका एक कारण यह है कि बिजली बोर्ड के लंज उप कार्यालय में मात्र तीन कर्मचारियों पर दो दर्जन गांवों की बिजली व्यवस्था का जिम्मा है। इनमें से भी एक कर्मचारी ट्रेनिंग पर है। लोगों का कहना है कि लाहलपुर, भटहेड़, सपडू, वडियाटा, चंदुआ, हार जुगाला, रडा, कोठडू, भराइयां दा लाहड और नगरूडा के लोग तीन दिन से अंधेरे में रहने को मजबूर है।
अंधेरे में डूबे क्षेत्र के कुछ गांवों में अभी तक बिजली कर्मचारी नहीं पहुंच सके हैं। लोगों ने विभाग को चेताया कि अगर जल्द गांवों मे बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो लोग लंज उप कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं, सहायक अभियंता सब डिविजन लपियाणा राज कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या आ रही है। बोर्ड ने ठेकेदार के दस कर्मचारी बिजली बहाली के काम पर लगाए हैं और वीरवार शाम तक आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।