प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 117 टीजीटी शिक्षकों को डिमोट कर लिया है। ये अब वापस जेबीटी शिक्षक ही बना दिए गए हैं। हालांकि, इन्हें अभी तक जेबीटी के नए स्टेशन नहीं दिए गए हैं। इनकी पदोन्नतियां आठ महीने पहले की गई थी।
निदेशालय ने इनके स्थान पर नई पदोन्नति की है। ये वे लोग हैं, जो कोर्ट के निर्णय के बाद अब वास्तविक वरिष्ठ शिक्षक माने जा रहे हैं। अक्तूबर महीने में ही जेबीटी से टीजीटी नॉन मेडिकल के पद पर 232 पदोन्नतियां की गई थीं।
शिक्षा विभाग की गलती ये थी कि 117 कनिष्ठ जेबीटी को पदोन्नति दे दी गई। इसके बाद मामला हाई कोर्ट में गया। हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि विभाग की गलती के कारण अगर 117 लोगों को पदोन्नति दी गई थी, तो अब इन्हें डिमोट करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना शिक्षकों का अपमान है।
संघ ने मांग की कि इन शिक्षकों को टीजीटी पद पर ही रखा जाए। आगामी दिनों में टीजीटी के पद मंजूर किए जाएंगे। इन्हें उनमें एडजस्ट कर सकते हैं। संघ का एक प्रतिनिधिमंडल इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से मिलेगा।