अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गुरु शिष्य के पवित्र रिश्ते को मनाने के लिए तय पांच सितंबर को कुछ केटेगिरी के शिक्षकों ने काले दिवस के रूप में मनाया। शिक्षकों ने अपने काम से किनारा नहीं किया, मगर काले रिबन लगाकर अपनी मांग को बुलंद किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक भी इन्हीं शिक्षकों में शुमार थे। विवि के शिक्षक संघ हपुटा ने एफईडीसीयूटीए और एआईएफयूसीटीओ के आह्वान पर सातवें पे कमीशन की रिपोर्ट को विवि और कॉलेजों के शिक्षकों के लिए लागू किए जाने की मांग उठाई। शिक्षकों ने काले बिल्ले लगाकर अपनी मांग को उठाया। हपुटा के अध्यक्ष प्रो. जोगेंद्र सिंह धीमान और सचिव प्रो. विजय कौशल ने कहा कि विवि में सभी शिक्षकों ने इस मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मियों के लिए पहले ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लागू कर दिया गया है। यूजीसी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत कार्यरत शिक्षकों को पे स्केल को देने की रिपोर्ट छह माह पूर्व सौंप चुकी है। इसे अभी तक सरकार ने लागू नहीं किया है। इन शिक्षक नेताओं ने कहा कि विवि के शिक्षकों ने अपनी इस मांग को उठाने के लिए मंगलवार को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए कार्यक्रमों का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की ये दो संस्थाएं इन दोनों मांगों को मनवाने के लिए जो भी दिशा निर्देश देंगी, हपुटा उसे मानेगी और आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में हपुटा विवि में आम बैठक आयोजित करेगी और आंदोेलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
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हपुटवा ने दी शिक्षक दिवस की बधाई
विवि में सक्रिय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कल्याण संघ (हपुटवा) ने शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में समस्त शिक्षकों को बधाई दी है। संघ के अध्यक्ष प्रो. कमलजीत सिंह, महासचिव डॉ. देस राज ने कहा कि केंद्र सरकार और मानव संसाधन मंत्रालय सातवें पे कमीश्नन की रिपोर्ट को लागू करे। रिपोर्ट को लागू करने में की जा रही देरी के कारण शिक्षक हताश हैं।