एचआईवी से ग्रसित बच्चों को भी खसरा और रुबेला (एमआर) टीका लगाया जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से यह टीका बेहद जरूरी है। एचआईवी प्रभावित प्रत्येक बच्चे को यह टीका अन्य बीमारियों से बचाव के लिए लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस टीके को केवल बच्चे के बीमार होने पर ही नहीं लगाया जा सकेगा। अगर बच्चे की हालत में सुधार है तो इस टीके को लगाने में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है। बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से इसे बेहतर माना गया है। विभाग का कहना है कि पूरे जिला शिमला सहित प्रदेश भर में ऑटो डिसेबल सिरिंज (एडीसी) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सिरिंज का केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर यह किया जा रहा है। इस बात की पुष्टि मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला नीरज मित्तल ने की है।
इसके अलावा बुधवार को शिमला शहर के चार बड़े स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। बच्चों की कुल संख्या 4657 होगी जिनमें एसपीएस स्कूल खलीणी के 750, दयानंद पब्लिक स्कूल के 1486, डीएवी लक्कड़ बाजार के 1571 और डीएवी संजौली के 850 बच्चों का टीकाकरण होगा।
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टीकाकरण की तिथि
शिमला। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सात सितंबर को सेंट थॉमस के 484, गर्ल्स स्कूल लक्कड़ बाजार की 115 छात्राओं को टीका लगेगा। आठ सितंबर को एसपीएम संजौली स्कूल के 309 छात्र, केवी जाखू के 1243, ईसीआई शेलेडे के 249 छात्र को टीका लगाया जाएगा। ढींगू देवी स्कूल के 21 छात्र, आर्य समाज के 250 छात्र, एसडी स्कूल के 421 छात्रों को सात सितंबर को टीका लगेगा। चलौंठी के 44 छात्रों को आठ सितंबर, गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल के 130 छात्रों, जीएचएस भराड़ी और लॉरेटो पब्लिक स्कूल भराड़ी के 350 छात्र एवं छात्राओं को 11 सितंबर को टीका लगेगा।