निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ संघर्षरत छात्र-अभिभावक मंच ने स्कूलों में पीटीए के गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मंच का कहना है कि पीटीए के गठन में सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन पर अमल नहीं किया जा रहा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पीटीए का गठन स्कूल प्रशासन और प्रबंधन की मर्जी से नहीं होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 2014 की गाइडलाइन और आरटीई-2009 के निर्देशों के मुताबिक ही पीटीए गठन मान्य होगा। इसमें शिक्षा विभाग बाकायदा निजी स्कूल के आसपास के प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करेगा। इसी की देखरेख में नई पीटीए का गठन किया जाना चाहिए। निजी स्कूलों बिना किसी पर्यवेक्षक के ही पीटीए का गठन कर रहे हैं। पीटीए गठन में 75 फीसदी अभिभावक सदस्य शामिल करने होते हैं।