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आरटीई के तहत नहीं किया जा रहा है पीटीए का गठन, छात्र-अभिभावक मंच ने उठाए

Sun, 12 May 2019 10:14 AM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ संघर्षरत छात्र-अभिभावक मंच ने स्कूलों में पीटीए के गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मंच का कहना है कि पीटीए के गठन में सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन पर अमल नहीं किया जा रहा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पीटीए का गठन स्कूल प्रशासन और प्रबंधन की मर्जी से नहीं होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 2014 की गाइडलाइन और आरटीई-2009 के निर्देशों के मुताबिक ही पीटीए गठन मान्य होगा। इसमें शिक्षा विभाग बाकायदा निजी स्कूल के आसपास के प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करेगा। इसी की देखरेख में नई पीटीए का गठन किया जाना चाहिए। निजी स्कूलों बिना किसी पर्यवेक्षक के ही पीटीए का गठन कर रहे हैं। पीटीए गठन में 75 फीसदी अभिभावक सदस्य शामिल करने होते हैं।

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राकेश बने सेंट थामस स्कूल पीटीए के अध्यक्ष
शिमला। सेंट थॉमस स्कूल में अभिभावकों और शिक्षकों की आमसभा में पीटीए का गठन किया गया। प्रधानाचार्य विधु प्रिया चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुई आमसभा में इसका गठन किया। इसमें राकेश विष्ट प्रधान, प्रेमलता शर्मा सचिव, शिक्षिका सुषमा ठाकुर को कोषाध्यक्ष बनाया है। प्रधानाचार्य ने कहा कि इसका मकसद स्कूल के विकास के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करने में अभिभावकों के सुझावों पर अमल करना रहेगा। अभिभावकों से कहा कि आने वाले समय स्कूल में कई कल्याणकारी और छात्र हित वाले फैसले लिए जाने हैं। सोलर ऊर्जा प्लांट इंस्टाल किया जाना है, वहीं भारत के प्रधानमंत्री द्वारा स्किल डेवलेपमेंट और वोकेशनल विषय को स्कूल में शुरू करवाने की योजनाएं हैं।

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