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आईजीएमसी समेत शहर के अस्पतालों में नेगेटिव ब्लड ग्रुप खत्म

Tue, 16 Apr 2019 11:27 AM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के साथ केएनएच और अन्य सरकारी अस्पतालों में नेगेटिव ग्रुप ब्लड की कमी हो गई है। अस्पताल में ए, बी, एबी और ओ नेगेटिव ग्रुप का ब्लड नहीं मिल रहा। खून की कमी के कारण ओपन हार्ट सर्जरी के ऑपरेशन भी टल सकते हैं। स्थिति यह हो चुकी है कि बीते दिनों बस हादसे में घायल चौदह साल के बच्चे को बी नेगेटिव खून न मिलने के कारण आईजीएमसी से पीजीआई रेफर करना पड़ा है। दूसरी ओर शहर में कम संख्या में कैंप लगने के कारण स्थिति और भी बिगड़ चुकी है।

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आईजीएमसी में दाखिल कौशल्या का सीटीवीएस विभाग द्वारा ऑपरेशन किया जाना है। ओपन हार्ट सर्जरी होने के कारण महिला को 8 यूनिट खून की जरूरत है। आईजीएमसी ब्लड बैंक की ओर से तीन यूनिट का इंतजाम किया है। एक यूनिट तीमारदार द्वारा दिया गया है। दोपहर बाद महिला के तीमारदार केएनएच अस्पताल ब्लड के लिए पहुंचे। ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की भी कमी चल रही है।

तीमारदार करें खून दान
मेडिकल स्टोर इंचार्ज डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि जो ब्लड बैंक में आने वाले तीमारदार अपने साथ उसी ब्लड ग्रुप का डोनर भी साथ लाएं। इससे मरीज को आसानी से खून उपलब्ध हो सकेगा। हालांकि इमरजेंसी में आए मरीजों को तत्काल खून मुहैया करवाया जा रहा है। अस्पताल के ब्लड बैंक के डॉक्टरों और तकनीशियनों के सामने यह भी चुनौती है कि लोग ब्लड लेने को तो आते हैं लेकिन रक्तदान करने से हाथ पीछे खींच लेते हैं। इससे ब्लड बैंक में खून की कमी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि रक्तदान से ही इस समस्या का हल किया जा सकता है। मरीजों के तीमादारों को भी रक्तदान के लिए आगे आना होगा।
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कैंप में भी कम मिल रहा नेगेटिव ग्रुप
डॉक्टरों का कहना है कि कई दिनों से अस्पताल में इन ब्लड ग्रुपों की भारी कमी चल रही है। एक या दो यूनिट इमरजेंसी के लिए रखा जाता है। लेकिन अब कैंप से ही उम्मीदें है। अभी तक जो कैंप लगे हैं उनमें कुछ यूनिट ही नेगेटिव ग्रुप का ब्लड मिला है।

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