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हिल्सक्वीन में अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का आगाज, सुशांत बोले- जागरूक करना है मकसद

Sun, 24 Jun 2018 12:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिल्सक्वीन शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में विभोर-शिमला अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का शनिवार को आगाज हो गया। इसका शुभारंभ सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने किया। उत्सव का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से विभोर संस्था के साथ मिलकर किया जा रहा है। यह उत्सव दो दिन तक चलेगा। इसमें देश-विदेश के नामी लेखक, साहित्यकार और मीडिया जगत की हस्तियां भाग ले रही हैं।

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उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय कलाकारों को उत्सव में सीखने को कुछ नया मिलेगा। उत्सव के पहले दिन शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने राष्ट्रीय स्तर के लेखकों, पाठकों, प्रकाशन एजेंटों, प्रकाशकों आदि के साथ चर्चा की।

स्कूली छात्रों ने लेखकों और प्रकाशकों से लेखन कला में कविता लेखन, कहानी लेखन के फर्क और इसे लिखने के तौर-तरीकों के बारे में सवाल किए। केंद्रीय विद्यालय जाखू के छात्र-छात्राओं ने ‘भारत की अनेकता में एकता’ पर नाटक का मंचन किया।
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उत्सव में टीवी कलाकार एवं अभिनेता सुशांत सिंह, सुहेल माथुर और पंकज दुबे ने टीवी और फिल्मों के बारे में जानकारी साझा की। एसआर हरनोट ने अपनी कहानी लाल होता दरख्त की हिमाचली मूवी स्क्रीनिंग पर अपने विचार रखे।

मीडिया जगत से वरिष्ठ पत्रकार शशि शेखर ने संजीव पालीवाल के साथ मीडिया और मौजूदा समय पर चर्चा की। शहजाद पूनावाला, तेजिंद्र्र पाल सिंह बग्गा ने वॉयस ऑफ न्यू इंडिया, पंकज दुबे, अनंत विजय और गौतम चिंतामणि ने फिल्म और साहित्य और रुदआभा ने कविता पर संवाद किया।

कार्यक्रम में एक्रोस द रोड एडवरटाइजिंग एंड इवेंट्स की सीईओ निधि शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम ‘वन इंडिया’ साहित्योत्सव पर आधारित है। इस अवसर पर सचिव भाषा एवं संस्कृति पूर्णिमा चौहान, निदेशक रूपाली ठाकुर सहित लेखक और गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

सुशांत सिंह ने कहा कि जागरूक करना मकसद- विभोर-शिमला अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव पहले दिन पहुंची नामी हस्तियों में सावधान इंडिया के  एंकर और अभिनेता सुशांत सिंह ने कहा कि उनके सावधान इंडिया कार्यक्रम का मकसद लोगों को अपराध के प्रति जागरूक रहने और सचेत करना है, न कि अपराध को बढ़ावा देना।

यह देखने वाले की सोच पर निर्भर करता है कि वह उसे किस ढंग से लेता है, उससे क्या सीखता है। घरों में धार्मिक ग्रंथ, बाइबल, कुरान, गुरू ग्रंथ साहिब और रामायण रहता है, सभी उसे पढ़ कर अच्छा सीखते है, ऐसा नहीं है। उनके इस कार्यक्रम का उदेश्य लोगों को यह बताना है कि कैसे कैसे अपराध घटित होते है, ताकि वे अपनी सुरक्षा करना सीखें।

उन्होंने कहा कि वे इस उत्सव में एक नए उभरते लेखक के रूप में हिस्सा ले रहे है। उन्होंने क्राइम स्टोरी पर ही एक किताब भी लिखी है, जिसे वे लोगों से साझा करेंगे। इस उत्सव से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने पहाड़ों की रानी शिमला की सराहना करते हुए कहा कि सच में शिमला के नजारे खूबसूरत है।

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