अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सिरमौर जिले में उत्तराखंड की सीमा पर भारी वाहनों के लिए किलोर पुल बंद किया गया है। इसे आईआईटी रुड़की ने असुरक्षित घोषित किया है। यह उत्तराखंड जल विद्युत निगम के नियंत्रण में है। इसकी मरम्मत का मामला उत्तराखंड सरकार से उठाया जाएगा।
इससे पहले शिलाई के कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। कहा कि इस पुल के ठीक नहीं होने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कई बार शादी-विवाह आदि के लिए बसों और अन्य भारी वाहनों को यहां से वहां जाना होता है। उन्होंने जानकारी दी कि सालवाला, सिंगपुरा, भगयणी, खोदरी-माजरी, गुजर किलोर मार्ग बारहवां वृत्त लोक निर्माण विभाग नाहन के अंतर्गत पांवटा मंडल के अधीन साढे़ 17 किलोमीटर तक है। इसका डाक पत्थर से लेकर किलोर पुल तक का भाग हिमाचल के अंतर्गत पड़ता है, मगर इस सड़क के 11 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण और देखरेख उत्तराखंड जल विद्युत निगम करता है। ये पुल शिलाई डिविजन से 500 मीटर दूर शिलाई मेें है। सड़क के आखिर में किलोर पुल की मरम्मत भी यही एजेंसी करती है।
स्थानीय अधिशासी अभियंता की ओर से की गई जांच के मुताबिक इस पुल को भारी वाहनों के लिए बंद किया गया है। ये पुल भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक क्रॉसिंग बिंदु डाकपत्थर पुल पर है। ये किलोर से 11 किलोमीटर दूर है। पांवटा के कांग्रेस विधायक सुखराम चौधरी ने भी इस मामले को उठाया।
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