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Plantation Campaign: हिमाचल के 16,998 स्कूलों में रोपे जाएंगे 11 लाख पौधे, वन विभाग के सहयोग से चलेगा अभियान

Thu, 16 Jul 2026 07:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाएगा।
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पाैधरोपण(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। वन विभाग प्रदेश के 16,998 विद्यालयों को करीब 11 लाख पौधे उपलब्ध कराएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां पौधारोपण के लिए वन भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वन मित्रों की सेवाएं भी ली जाएंगी। अभियान की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को वन विभाग मुख्यालय शिमला से राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करवाई गई।

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अध्यक्षता प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) संजय सूद ने की। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक (आईएफएस) राजेश शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल आलोक प्रेम नागर, वन अरण्यपाल अनीश शर्मा, सुमित भारद्वाज सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों के उपनिदेशक (प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा), उपनिदेशक (क्वालिटी कंट्रोल) और समग्र शिक्षा के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद ने वन विभाग के अधिकारियों को शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों तक समय पर पौधे पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि पौधारोपण का लक्ष्य तय समय में पूरा किया जा सके।
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समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों से स्कूलों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। अभियान 30 सितंबर 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इसके प्रभावी संचालन और नियमित निगरानी के लिए वन अरण्यपाल (सीएफ) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समितियां गठित की जाएंगी। इनमें शिक्षा विभाग और वन विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे, जो अभियान की प्रगति की समीक्षा और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
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