उस समय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं विभाग को देखते थे। तब से लेकर अब तक स्थिति वैसे की वैसी ही बनी है। ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास विभाग की सबसे गरीब व पिछड़ी श्रेणी है।
पिछली कांग्रेस सरकार ने सभी मनरेगा कर्मियों को रेगुलर स्केल देना शुरू किया है, लेकिन रोजगार सेवकों को इस लाभ से भी वंचित है। संघ के प्रतिनिधि मंडल समय-समय पर मंत्री वीरेंद्र कंवर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलता रहा है।
सरकार की ओर से आश्वासन देकर सेवकों को टालने की कोशिश की जा रही है। सीएम खुद भी मान रहे हैं कि मांग जायज है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आगामी कैबिनेट में इस मामलों पर चर्चा करने की मांग की है।