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खराब रिजल्ट पर बदले गए 103 प्रिंसिपल, 274 शिक्षकों को नोटिस जारी

Fri, 03 Jun 2016 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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खराब रिजल्ट को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 103 स्कूल प्रिंसिपलों के तबादले कर दिए हैं। - फोटो : Demo pic
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दसवीं और जमा दो कक्षा का परिणाम निकलने के बाद सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। खराब रिजल्ट को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 103 स्कूल प्रिंसिपलों के तबादले कर दिए हैं।
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वीरवार को तबादला आदेश जारी करने के साथ 15 दिन में प्रिंसिपलों को नए स्कूल में ज्वाइनिंग देने की मोहलत दी है। सरकार ने प्रिंसिपलों की कमी से जूझ रहे 362 स्कूलों का 245 हेडमास्टरों और 113 लेक्चरों को प्रिंसिपल का कार्यकारी कार्यभार सौंपा है।

स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणामों में सरकारी स्कूलों के नाममात्र बच्चों के मेरिट में आने और खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों की संख्या अधिक होने पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के तबादले करने के आदेश दिए थे। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने वीरवार को स्कूल प्रिंसिपलों को इधर-उधर कर दिया है।
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दसवीं, जमा दो के 274 शिक्षकों को नोटिस

खराब रिजल्ट देने वाले दसवीं और जमा दो कक्षा के 274 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। - फोटो : Demo pic
खराब रिजल्ट देने वाले दसवीं और जमा दो कक्षा के 274 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार ने चार जून तक सब्जेक्ट टीचरों से खराब रिजल्ट आने का कारण पूछा है। प्रिंसिपलों से भी जवाबतलबी की है। स्पेशल मेसेंजर के माध्यम से जिला उपनिदेशकों से चार जून तक रिपोर्ट मांगी है।

नौ जून को सरकार ने सचिवालय में जिला उपनिदेशकों की समीक्षा बैठक बुलाई है। शिक्षकों के जवाब की रिपोर्ट को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने वीरवार को विभाग की वेबसाइट पर 25 प्रतिशत से कम विषयवार परिणाम देने वाले दसवीं के 166 स्कूलों और जमा दो के 108 स्कूलों की सूची अपलोड की है।

सूची में विभिन्न विषयों में शून्य से लेकर 25 प्रतिशत तक परिणाम देने वाले स्कूलों के नाम, कुल बच्चों और पास, फेल होने वाले बच्चों की संख्या का ब्योरा दिया गया है। जमा दो में अंग्रेजी, बिजनेस स्टडीज, राजनीति शास्त्र, बायोलॉजी, अकाउंट्स, केमिस्ट्री, इकोनामिक्स, मैथ, कंप्यूटर, फिजिक्स, हिस्ट्री, हिंदी, फिजिक्ल एजूकेशन, संस्कृत, फिलॉसफी और सोशोलॉजी विषय में 108 स्कूलों का परिणाम 25 प्रतिशत से कम है।

दसवीं में 166 स्कूलों का मैथ, साइंस, कला, पंजाबी, कृषि, म्यूजिक वोकल, हिंदी, कंप्यूटर, अंग्रेजी, टूरिज्म और समाजशास्त्र में वार्षिक परिणाम 25 प्रतिशत से कम है। संयुुक्त सचिव शिक्षा ने जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर सब्जेक्ट टीचरों से खराब रिजल्ट देने का कारण पूछने को कहा है। स्कूल प्रिंसिपल और उपनिदेशकों को भी अपने कमेंट्स करने को कहा है। चार जून तक रिपोर्ट शिमला में तलब की गई है।

प्राइमरी स्कूलों के 550 सरप्लस शिक्षक ट्रांसफर

प्रदेश के छह जिलों के प्राथमिक स्कूलों में तैनात 550 सरप्लस शिक्षकों के तबादला आदेश जारी हो गए हैं। - फोटो : Demo pic
वहीं, प्रदेश के छह जिलों के प्राथमिक स्कूलों में तैनात 550 सरप्लस शिक्षकों के तबादला आदेश जारी हो गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिमला, किन्नौर, सोलन, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिले में युक्तिकरण कर दिया है। छात्रों की संख्या के अनुपात से शिक्षकों की तैनाती की गई है।

सरप्लस शिक्षकों को स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूलों में स्थानांतरित किया है। मुख्यमंत्री ने सरप्लस शिक्षकों का तबादला करने की मंजूरी दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों की तबादला सूचियां जिला उपनिदेशकों को भेज दी हैं।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश के छह जिलों शिमला, किन्नौर, सोलन, सिरमौर, मंडी और कांगड़ा की प्राथमिक पाठशालाओं में तैनात करीब 550 सरप्लस शिक्षकों के तबादला आदेश हुए हैं।

शहरी इलाकों से भी शिक्षकों का तबादला

शहरी इलाकों के स्कूलों में डटे सरप्लस शिक्षकों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। - फोटो : Demo pic
शहरी इलाकों के स्कूलों में डटे सरप्लस शिक्षकों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पूर्व बिलासपुर, ऊना, कुल्लू, चंबा और हमीरपुर जिलों में अप्रैल में युक्तिकरण हो चुका है। इन जिलों से भी करीब 550 सरप्लस शिक्षकों को अन्य स्कूलों में तबदील किया गया।

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्कूलों में बीते लंबे अरसे से अपने प्रभाव के चलते डटे शिक्षकों को ट्रांसफर किया जा रहा है। सोलन जिला से 63, मंडी जिला 145, सिरमौर जिला से 106, किन्नौर जिला से 21 और शिमला जिला से 110 सरप्लस शिक्षकों को बदला गया है।

प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में 3522 शिक्षक तैनात हैं। कुल सरप्लस शिक्षक यहां 192 चिह्नित किए गए हैं। 106 शिक्षकों को बदल दिया गया है। 86 बाद में बदले जाएंगे।

यह है शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात
विद्यार्थी                शिक्षक
1 से 60                 2
61 से 90               3
91 से 120             4
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शिक्षकों को बताना होगा, रिजल्ट क्यों रहा खराब

Teacher
वहीं प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव उच्चतर शिक्षा के आदेशों पर उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा जिला शिमला ने जिला भर के दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में खराब रिजल्ट देने पर संबंधित शिक्षकों से जवाब तलब किया है।

शिक्षकों को खराब रिजल्ट पर स्पष्टीकरण देना होगा और स्कूल के मुखिया को इस पर अपनी टिप्पणी देकर हर हाल में तीन जून तक उप निदेशक कार्यालय भेजना होगा। इसे उप निदेशक कार्यालय चार जून को शिक्षा विभाग को सौंप देगा।

स्पष्टीकरण व टिप्पणी न करने वाले शिक्षक और स्कूल मुखिया देरी करने पर परिणाम के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे। उप निदेशक कार्यालय की ओर से स्कूलों को जारी कि गए आदेशों में कहा गया है कि दसवीं और जमा दो में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य से 25 फीसदी तक रहा है, उन स्कूलों के संबंधित विषयों के शिक्षकों को खराब रहे परिणाम के लिए स्पष्टीकरण लिखित में देना होगा।

जिला भर में ऐसे करीब 30 से 35 स्कूल बताए जा रहे हैं, जिनका परिणाम खराब रहा है। शिक्षकों के स्पष्टीकरण पर स्कूल के मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य को अपनी टिप्पणी के साथ इसे तीन जून तक उप निदेशक कार्यालय पहुंचाना होगा। उप निदेशक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों को टेलीफोन और पत्र लिखकर सूचित किया गया है।

इसके बावजूद यदि वे स्पष्टीकरण व उस पर मांगी टिप्पणी नहीं देते तो, इसके लिए शिक्षक और स्कूल मुखिया स्वयं जिम्मेदार होंगे। स्कूल मुखिया उप निदेशक की ई मेल www.ddheshimla@gmail.com पर भी स्पष्टीकरण भेज सकते हैं।
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