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Shimla News: प्रतिबंधित दवाओं के मामले में दोषी को 10 साल की कैद

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एक लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा
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विशेष अदालत के न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी को एक लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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विशेष अदालत (एनडीपीएस) के न्यायाधीश प्रवीण गर्ग ने तहसील कोटखाई निवासी आरोपी संयोग टेम्टा (25) को मामले में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 28 नवंबर 2020 को पुलिस के स्पेशल सेल की टीम राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर तारादेवी-कच्चीघाटी-शोघी क्षेत्र में गश्त पर थी। शाम 6.30 बजे पुलिस ने चंडीगढ़ से शिमला की तरफ आ रही पंजाब रोडवेज की बस को चेकिंग के लिए रोका। सीट नंबर 30 और 31 पर संदिग्ध हालत में दो युवक सवार थे। चेकिंग के दौरान टेम्टा पास से प्लास्टिक बैग में नाइट्राजेपाम की 190 गोलियां और कोरेक्स कफ सिरप की 10 बोतलें मिलीं। इस दौरान आरोपी प्रतिबंधित वस्तुओं को अपने कब्जे में लेने के लिए अधिकृत कोई वैध चिकित्सा पर्ची प्रस्तुत करने में विफल रहा। इसके बाद दोनों आरोपियों को बालूगंज थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी दिल्ली से प्रतिबंधित दवाइयां खरीद कर लाए थे। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए। मामले की सुनवाई में विशेष न्यायाधीश ने संयोग टेम्टा को दोषी ठहराया। इसके साथ ही कोटगढ़ निवासी सचिन शर्मा को दोषमुक्त किया है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी न्यायवादी बीएस नेगी ने की। संवाद
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