लेखिका अरुंधति का करियर
अरुंधति ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में अभिनय भी किया। मैसी साहब नाम की फिल्म में अरुंधति लीड रोल में रहीं। इसके बाद अरुंधति ने कई फिल्मों के लिए पटकथाएं लिखीं। अरुंधति राय पर अपने परिवार, खासकर माता पिता का गहरा असर रहा। यही वजह है कि अरुंधति की एक किताब में उन बातों का जिक्र था, जो दो साल की उम्र में उनके साथ घटित हुईं थीं। उन्होंने इस बारे में कहा था, 'मुझे खुद याद नहीं है कि मैंने उन घटनाओं के बारे में कैसे लिख दिया। शायद वो घटनाएं मेरे मस्तिष्क में एकत्र हो गई हों और सही वक्त पर बाहर आ गई हों।
अरुंधति राय की किताब
उपन्यासकार अरुंधति ने 'इन विच एनी गिव्स इट दोज़ वंस (1989), इलेक्ट्रिक मून (1992) और गॉड ऑफ स्माल थिंग्स जैसे उपन्यास लिखे।