अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से समाज के सभी वर्गाें को जाेड़ने की तैयारी है। इसके तहत मुस्लिम समाज समेत देशभर में प्रत्येक वर्ग के परिवार तक अक्षत, पीले चावल पहुंचाने का कार्य एक जनवरी से शुरू हो जाएगा, जो 15 जनवरी तक चलेगा। विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस समेत दो दर्जन से अधिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की टोलियां इस कार्य में लगी हैं।
शहरों को बस्तियों और देहात क्षेत्र को खंडों में बांटकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विहिप हरियाणा के प्रांत संगठन मंत्री प्रेम शंकर ने बताया कि प्रत्येक गांव में समिति बनाई गई है जो प्रत्येक परिवार तक प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पीले चावल, अयोध्या के राम मंदिर का चित्र, राम मंदिर के इतिहास से संबंधित पत्रक पहुंचाएगी।
भजन-कीर्तन करते हुए कार्यकर्ता घरों तक पहुंचेंगे। इस कार्य के लिए कोई वर्गीकरण नहीं किया गया है। सभी सेवा बस्तियों, मुस्लिम बस्तियाें में भी अक्षत वितरण का कार्य होगा। जिन मंदिरों में अक्षत कलश रखे गए हैं, वहां मुख्य द्वार पर कैलेंडर लगाया जाएगा, जिस पर अक्षत प्राप्त करने की सूचना लिखी होगी।
मशीन से तैयार हो रहे अक्षत पैकेट
अक्षत के पैकेट तैयार करने के लिए हिसार में मशीन लगाई गई है, जिस पर हिसार के लिए करीब ढाई लाख पैकेट तैयार किए जाएंगे। आरएसएस के सह जिला कार्यवाह सतीश कुमार ने बताया कि अक्षत के पैकेट तैयार करने का काम जारी है। एक जनवरी से कार्यकर्ताओं की टोलियां अक्षत वितरण का कार्य शुरू कर देंगी।
अयोध्या की भांति सजाए जाएंगे स्थानीय मंदिर
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन देशभर में स्थानीय मंदिरों को अयोध्या की तरह सजाने की योजना है। इन्हीं मंदिरों में अक्षत कलशों को रखा गया है। मंदिरों को केंद्रित कर कार्यक्रमों की योजना तैयार की गई है। मंदिर परिसरों में टेलीविजन तथा एलईडी लगाकर अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण देखा जाएगा। भजन-कीर्तन के साथ श्रीराम जय राम जय-जय राम, विजय महामंत्र का 108 बार जाप होगा। दोपहर एक बजे शंखध्वनि, घंटानाद और आरती कर प्रसाद वितरण किया जाएगा।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद परिवार समेत अयोध्या पहुंचने का आह्वान
अक्षत वितरण के दौरान रामभक्तों से निवेदन का पत्रक बांटा जाएगा, जिसमें 22 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के मध्य अपने गांव, मोहल्ले, कॉलोनी में स्थित मंदिर में एकत्र होकर भजन-कीर्तन करने के लिए कहा गया है। साथ ही प्राण प्रतिष्ठा दिन के बाद अपने अनुकूल समय के अनुसार परिवार समेत अयोध्या पहुंच कर प्रभु श्रीराम के दर्शन करने का आह्वान किया गया है। विश्व हिंदू परिषद ने देश को 44 प्रांतों में बांटकर 26 जनवरी से 21 फरवरी तक अलग-अलग प्रांतों के रामभक्तों को अयोध्या बुलाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कराने की योजना तैयार की है। सभी प्रांतों के पदाधिकारियों को प्रांत के अनुसार तिथियों की जानकारी दे दी गई है।
9 फरवरी को हरियाणा और दिल्ली के राम भक्त जाएंगे अयोध्या
26 जनवरी को ब्रज और उत्तराखंड, 27 को मेरठ और चित्तौड़, 28 को जोधपुर और जयपुर, 30 को काशी और गोरक्ष, 31 को कानपुर और अवध, 2 फरवरी को उत्तर बिहार और नेपाल, 3 को दक्षिण बिहार और झारखंड, 5 को मालवा और छत्तीसगढ़, 6 को दक्षिण बंग, मध्य बंग, उत्तर बंग, सिक्किम, अंडमान, 8 को पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, 9 को दिल्ली, हरियाणा, 11 को पूर्व ओडिशा, पश्चिम ओडिशा, 12 को दक्षिण गुजरात, उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र, 13 को कोंकण, विदर्भ, 15 को पश्चिम महाराष्ट्र, देवगिरी, उत्तर-पूर्व असम, 16 को दक्षिण असम, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, 17 को मध्यभारत, महाकौशल, 19 को दक्षिण कर्नाटक, उत्तर कर्नाटक, 20 को दक्षिण आंध्र, उत्तर आंध्र, तेलंगाना, 21 को केरल, उत्तरी तमिलनाडु, दक्षिण तमिलनाडु।
अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अक्षत वितरण का कार्य देशभर में 1 जनवरी से शुरू होगा, जो 15 जनवरी तक चलेगा। समाज के सभी प्रत्येक परिवार तक अक्षत पहुंचाने की योजना है। 26 जनवरी से 21 फरवरी तक देशभर के कार्यकर्ताओं को प्रांत के अनुसार दर्शन के लिए अयोध्या बुलाने का कार्यक्रम तय किया गया है।
- दिनेश उपाध्याय, केंद्रीय मंत्री, विश्व हिंदू परिषद
प्राण प्रतिष्ठा समय
- 22 जनवरी 2024, दिन सोमवार, शुभघड़ी सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक
- पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी विक्रमी संवत 2080