राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को दिल्ली में भागवत से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।
इस समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश भर से हजारों साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है।
यह देश की गरिमा और पवित्रता को मजबूत करने का अवसर...
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर हर गांव और घर में बड़ा उत्साह है। उन्होंने कहा, यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि मुझे ऐसे भव्य अवसर पर वहां उपस्थित होने का अवसर मिला है। यह इस देश की गरिमा और पवित्रता को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा, इतने वर्षों के बाद हमने भारत के स्वत्व के प्रतीक का पुनर्निर्माण किया है और यह हमने अपने नेक प्रयासों के आधार पर किया है।
उन्होंने कहा, यह एक तरह से पूरी दुनिया के लिए घोषणा है कि भारत अपने दम पर खड़ा है और अब पूरी दुनिया में समृद्धि और शांति के लिए आगे बढ़ेगा। भागवत ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, इसके माध्यम से हमें वह दिशा मिल गई है, जो हमारी होनी चाहिए, जिसे हम कई दशकों से ढूंढने की कोशिश कर रहे थे।