फोन पर उनको यजमान के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। साथ ही उनके रहने का स्थान पूछा गया। एक दिन बाद रामजन्म भूमि कमेटी के लोगों ने बाकायदा उनके आवास पर पहुंचकर आमंत्रण पत्र दिया और यजमान के रूप में सपत्नीक शामिल होने का अनुरोध किया। रवि निषाद ने बताया कि 22 जनवरी की भोर में पत्नी रचना के साथ अयोध्या के लिए रवाना हो गए। राम जन्मभूमि कमेटी की ओर से लगातार उनका लोकेशन लिया जाता रहा। सुबह 9 बजे वह मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर गए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का पूजन करा रहे थे, तब वह भी गर्भ गृह में पत्नी के साथ विद्ववतजनों की देखरेख में पूजन-अर्चन के कार्य को संपन्ना करवा रहे थे।
अपने को खुशनसीब मान रहे रवि
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सपत्नीक शामिल होने के बाद रवि की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह अपने को खुशनसीब मान रहे हैं कि उनको भगवान राम के मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में यजमान के रूप में शामिल होने का मौका मिला और वह ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। उन्होंने इसके लिए रामजन्म भूमि मंदिर ट्रस्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।