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Pran Pratishtha: पूजन समाप्ति के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किया साष्टांग प्रणाम, जानें इस मुद्रा का महत्व

Mon, 22 Jan 2024 03:16 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आप जानते हैं कि मंदिरों में साष्टांग प्रणाम क्यों किया जाता है? दरअसल ये एक प्रकार की योग मुद्रा है जिसका एक बड़ा अर्थ है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
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प्राण प्रतिष्ठा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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Sashtang Asthanga Pranama: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद जब पूजन समाप्त हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के सामने साष्टांग प्रणाम करते हुए दिखे। क्या आप जानते हैं कि मंदिरों में साष्टांग प्रणाम क्यों किया जाता है? दरअसल ये एक प्रकार की योग मुद्रा है जिसका एक बड़ा अर्थ है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से। साष्टांग या दण्डवत प्रणाम हिन्दू धर्म में सबसे सर्वश्रेष्ठ नमस्कार माना जाता है।  यह सूर्य देव को प्रणाम करने का एक चरण भी है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के अष्ट अंगों के द्वारा धरती को स्पर्श करता है।

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अष्ट अंगों में दोनों पांव, दोनों घुटने, छाती, ठुण्डी और दोनों हथेलियां शामिल हैं। 
साष्टांग प्रणाम का महत्व 
साष्टांग प्रणाम करने की यह प्रथा कई सदियों से चली आ रही है। सनातन धर्म के अनुसार साष्टांग पंचोपचार, दशोपचार, षोडशोपचार पूजन के बाद किया जाता है। इन सभी प्रकारों में सर्वश्रेष्ठ प्रकार षोडषोपचार पूजा विधि को माना गया है। आपको बता दें कि षोडषोपचार पूजा में सोलह उपचारों से भगवान की पूजा करने की बात कही गई है और इन सोलह उपचारों में अंतिम उपचार साष्टांग दंडवत प्रणाम बताया गया है। साष्टांग प्रणाम के संबंध में मान्यता है कि इस तरह प्रणाम करने से व्यक्ति की सारी गलतियों की क्षमा उसे मिल जाती है। प्रणाम की यह क्रिया हमारे भीतर बसे अहंकार की समाप्ति करती है। ईश्वर के निकट जाने के लिए भी सर्वप्रथम अहंकार को त्यागना पड़ता है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि दंडवत प्रणाम करने से एक यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। 
साष्टांग नमस्कार के लाभ 

  • साष्टांग प्रणाम करने से व्यक्ति जीवन के असली अर्थ को समझ पाता है और आगे की दिशा में बढ़ पाता है।
  • इससे व्यक्ति के भीतर समान भाव की प्रवृत्ति जागृत होती है और अभिमान खत्म हो जाता है।
  • साष्टांग प्रणाम  ईश्वर के निकट पहुंचने का रास्ता है ।
  •  व्यक्ति अपने शरीर में ऊर्जा महसूस करने लगता है।  
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