किन्नर काजल ने कहा कि प्रभु श्रीराम से किन्नर समाज का त्रेताकाल से अभिन्न नाता है। हमारे पूर्वजों को प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त है। कलयुग में हम जिसे आर्शीवचन देंगे, उसे वह फलीभूत होगा। यह हमारे राम की कृपा से होता है। यही वजह है कि हमें लोग शुभ घड़ी पर बुलाते हैं और उपहार देते हैं। ऐसे में प्रभु श्रीराम के उत्सव में हम पीछे रहने वाले नहीं है। हम मंगल चारण कर जन-जन तक अवध का न्योता पहुंचाकर धन्य होंगे।
किन्नर सुमन ने कहा कि कि लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में मेरे प्रभु श्रीराम का नव्य और भव्य मंदिर का स्वरूप देखने को मिल रहा है। यह अद्भुत संयोग हैं। ऐसे में हम अपने राम से अलग कैसे हो सकते हैं। हम लोगों ने योजना बनाई है कि श्री रामलला के विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का न्योता खुद घर-घर जाकर पहुंचाएंगे। यदि कोई इस अवसर पर अयोध्या नहीं पहुंच पा रहा है तो अपने घर पर ही दीवाली जैसा उत्सव मनाए। आस्था का दीप जलाने के लिए द्वार-द्वार लोगों को प्रेरित किया जाएगा।