भावुक पल होगा...जब एक शिष्य अपने गुरु की अंतिम इच्छा पूरी करेगा
कुलसचिव महायोगी गुरु डॉ प्रदीप राव ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की अंतिम इच्छा थी कि रामजन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर बने। उनके बहुत सारे साधु शिष्य 22 जनवरी को गोरखनाथ मंदिर में अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखेंगे। यह बहुत ही भावुक पल होगा। यह दिन इस वजह से भी खास होगा कि एक शिष्य के तौर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की अंतिम इच्छा को पूरा करने जा रहे हैं।
गोरखनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजन महंत अवेद्यनाथ को ही समर्पित होकर किए जा रहे हैं। वैसे तो राम मंदिर आंदोलन हर जगह चल रहा था। हर जगह परिवार के साथ लोग समर्पित थे। लेकिन, गोरखपुर के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो गोरखनाथ मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती शुिश मंदिर, गीता वाटिका आदि केंद्र थे, जहां से आंदोलन को मजबूती मिली। इन सभी जगहों के लिए सोमवार का पल ऐतिहासिक व यादगार होगा। सभी को इस पल का बेसब्री से इंतजार है।
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पिता का सपना साकार होता देख मन है आह्लादित : कमलेश पासवान
बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान के पिता ओमप्रकाश पासवान वर्ष 1990 में हिंदू महासभा के टिकट पर मानीराम से विधायक थे। अयोध्या में कारसेवा के लिए जाते समय उनको गिरफ्तार कर लिया गया। वह आजगमढ़ की जेल में एक महीने तक रहे। गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ उन्हें अपना हनुमान कहते थे। इसलिए वह रामजन्म भूमि आंदोलन में उनके साथ जी जान से लगे रहे। वर्ष 1992 की कारसेवा में कमलेश छात्र थे लेकिन पिता के साथ वह अयोध्या गए थे।
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वह कहते हैं पिताजी तो नहीं रहे, लेकिन उनका सपना आज साकार हो रहा है। राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पासवान परिवार ही नहीं हर तबका खुश है। सांसद बताते हैं, 1990 में पिता ओमप्रकाश घर से -अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ निकले तो कहे थे वह राम काज अयोध्या जा रहे हैं, लेकिन नौसड़ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। 1992 में जब अयोध्या में कारसेवा का आह्वान हुआ तो उस समय कल्याण सिंह की सरकार थी। बड़े महराज अयोध्या में जमे हुए थे।