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Ram Mandir: गोरखपुर विश्वविद्यालय में 'अयोध्या अध्ययन केंद्र' की होगी स्थापना

Mon, 22 Jan 2024 12:35 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में ‘अयोध्या अध्ययन केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। प्राचीन इतिहास और मध्यकालीन इतिहास विभाग मिलकर इसे संचालित करेंगे। इसे लेकर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ‘अयोध्या अध्ययन केंद्र’ स्थापित करेगा। यह केंद्र अयोध्या की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने की ऐतिहासिक यात्रा के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन को प्रोत्साहित करेगा। विभिन्न विभागों में अयोध्या और प्रभु श्रीराम से संबंधित पाठ्यक्रमों, शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने और उनमें समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगा।

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इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि डीडीयू महापुरुषों की कर्मभूमि और जन्मभूमि से घिरा एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र है। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या सिर्फ 134 किमी दूर, गौतमबुद्ध की परिनिर्वाण स्थली कुशीनगर सिर्फ 55 किमी दूर और उनकी जन्मस्थली लुंबिनी 122 किमी, संतकबीर की समाधि स्थली 30 किमी दूर स्थित है। ऐसे में विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों को इन महापुरुषों के जीवन और उनके अवदानों के अध्ययन के लिए आगे आना चाहिए। ‘अयोध्या अध्ययन केंद्र’ इसी दिशा में लिया गया कदम है।

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यह केंद्र प्राचीन इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति विभाग में स्थापित किया जाएगा। केंद्र का मुख्य उद्देश्य अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा पर ध्यान केंद्रित कर एक प्राचीन शहर से एक आधुनिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने से संबंधित विषयों पर अध्ययन को प्रोत्साहित करना है।
 

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कुलपति ने बताया कि परास्नातक पाठ्यक्रम में इतिहास के विद्यार्थियों के लिए अगले सत्र से ‘अयोध्या की ऐतिहासिकता’ कोर (अनिवार्य) पेपर के रूप में शुरु किया जाएगा। अन्य विषयों के पीजी के विद्यार्थियों के लिए ‘अयोध्या की ऐतिहासिकता’ इलेक्टिव पेपर के रूप में शामिल होगा।

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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में ‘अयोध्या अध्ययन केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। प्राचीन इतिहास और मध्यकालीन इतिहास विभाग मिलकर इसे संचालित करेंगे। इसे लेकर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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