सिरोही जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के संयुक्त तत्वाधान में जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 समेत विभिन्न पहलुओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।
कार्यशाला में बालश्रम, नशामुक्ति, बालसुरक्षा, बाल कानून और बाल शोषण समेत अन्य मुद्दों के बारे में चर्चा की गई। जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार पुरोहित ने कहा कि अभिभावक को बच्चों का ध्यान रखने के साथ ही उनकी दिनचर्या और उनकी संगति के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। बच्चों के पास मोबाइल होने से साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है।
सदस्य उमाराम देवासी ने कहा कि ऐसे बच्चें जो गुमशुदा हैं, जो कई बार ट्रेन के जरिए घर छोड़कर चले जाते हैं। उन्हें रेस्क्यू कर परिवारजनों तक पहुचानें का पुण्य कार्य भी किया जा सकता है। वहीं, गिरोह के माध्यम से अपहरण किए हुए बच्चों को भी रेलवे सुरक्षा बल के माध्यम से सुरक्षित घर पहुचाने का काम भी कर सकते हैं।
बाल अपराध, बाल शोषण, नशामुक्ति पर अधारित रेलवे परिसर में कार्यशाला आयोजन कर बच्चों को जागरुक करने का निर्णय भी गया। संबंधित विभागों से समन्वय कर अगले महीने आबू रोड ब्लॉक में कार्यशाला की जाएगी।
सिरोही में आयोजित की कई कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित, संरक्षण अधिकारी कन्हैयालाल, बाल कल्याण समिति सदस्य शशिकला मरड़िया, उमाराम देवासी, रेल्वे सुरक्षा बल आबुरोड़ निरीक्षक विकास कुमार, चाइल्ड हेल्पलाईन 1098 के कॉर्डिनेटर मनोहरसिंह, सुपरवाईजर नीतुकंवर, केसवर्कर दिपीकाकंवर एवं राजकीय किशोर गृह से परिवीक्षा अधिकारी रणेछोड़ कुमार गर्ग मौजूद रहे।