पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक असबाक मोन (34) केरल के कन्नूर का रहने वाला था। मौत के कुछ साल पहले ही वह बेंगलुरु में रहने आ गया था। 14 अगस्त 2018 को असबाक एक रैली में भाग लेने के लिए जैसलमेर आया था।
इस दौरान उसके पांच दोस्त नीरज, संजय, विश्वास, संतोष और शाकिब भी उसके साथ आए थे। 16 अगस्त को सभी दोस्त राइडिंग के लिए निकले। इस दौरान सभी रास्ता भटक गए, लेकिन असबाक के अलावा सभी वापस आ गए। अगले दिन उसका शव बरामद हुआ था। इस दौरान उसकी बाइक वहीं खड़ी थी और हेलमेट भी उसी पर टंगा हुआ था।
असबाक की मौत की जानकारी मिलने पर उसकी पत्नी सुमेरा परवेज और परिजन जैसलमेर आए। मृतक की पत्नी और उसके दोस्तों ने भूख प्यास से मौत होने की बात कही। शुरुआती जांच में पुलिस को भी सामान्य मौत लगी, लेकिन असबाक के परिजनों ने हत्या का अंदेशा जताया।
पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पीएम रिपोर्ट में भी हत्या की जो वजह समाने आई उसने पुलिस को चौंका दिया। असबाक की मौत गर्दन पर चोट लगने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस का शक उसकी पत्नी और दो दोस्तों पर गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि असबाक की पत्नी सुमेरा परवेज का नीरज नाम के युवक के साथ अवैध संबंध हैं। असबाक का सुमेरा के साथ संपत्ति को लेकर भी विवाद भी चल रहा था। इस बात पर दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था।
मामले की जांच के बाद सामने आया कि 16 अगस्त 2018 को असबाक मोन की दो दोस्तों बेंगलुरु निवासी संजय कुमार और विश्वास एसडी ने गर्दन पर लोहे के हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को रेत के टीले के नीचे फेंक दिया था। असबाक की हत्या में उसकी पत्नी सुमेरा के भी शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। आखिरकार चार साल बाद 13 मई को पुलिस ने उसे कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया। जिला अदालत में पेश कर पुलिस ने उसे दस दिन की रिमांड पर लिया है।